बिंदापाथर. बिंदापाथर नीचे टोला में आयोजित 24 पहर अखंड बांग्ला कीर्तन गुरुवार को श्रद्धा और भक्ति के साथ संपन्न हो गया. इस आध्यात्मिक आयोजन से पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा. कीर्तन के दौरान श्रद्धालुओं ने पहुंचकर भगवान श्रीकृष्ण और श्री राधा के चरणों में मत्था टेका. कीर्तन कलाकार गौर गोपाल ब्रह्मचारी महाराज ने अपनी मधुर वाणी और शास्त्रीय विद्या से भगवान की लीलाओं का वर्णन किया. बुधवार की रात महाराज द्वारा प्रस्तुत रासलीला ने भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया. बताया कि रासलीला केवल एक नृत्य नहीं, बल्कि आत्मा का परमात्मा से मिलन है. कुंजविलास लीला में गौर गोपाल ब्रह्मचारी ने बताया कि द्वापर युग में श्रीकृष्ण और राधा सखियों के साथ कुंजों में विहार करते थे. संगीत और वाद्य यंत्रों की थाप पर भक्त झूमते नजर आए. कीर्तन के समापन के अवसर पर भव्य नारायण सेवा (भंडारा) का आयोजन किया गया. इसमें आसपास के गांवों से आए हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया.
बिंदापाथर में आयोजित 24 पहर बांग्ला कीर्तन का समापन
बिंदापाथर. बिंदापाथर नीचे टोला में आयोजित 24 पहर अखंड बांग्ला कीर्तन गुरुवार को श्रद्धा और भक्ति के साथ संपन्न हो गया.
