सरना धर्म कोड के लिए होगा आंदोलन, जामताड़ा में हुई सरना धर्म सम्मेलन से हुआ एलान

मिहिजाम : शहरडाल गांव में रविवार को सरना धर्म सम्मेलन का आयोजन किया गया. इसकी अध्यक्षता माझी हड़ाम गोपाल हांसदा ने की. सम्मेलन में संताल परगना सरना धर्मगुरु लश्कर सोरेन, अंतरराष्ट्रीय सरना धर्म परिषद के अध्यक्ष संजय पाहन व संताल परगना धर्म महासभा के महासचिव सुनील हेंब्रम भी शामिल हुए. संजय पाहन ने कहा कि […]

मिहिजाम : शहरडाल गांव में रविवार को सरना धर्म सम्मेलन का आयोजन किया गया. इसकी अध्यक्षता माझी हड़ाम गोपाल हांसदा ने की. सम्मेलन में संताल परगना सरना धर्मगुरु लश्कर सोरेन, अंतरराष्ट्रीय सरना धर्म परिषद के अध्यक्ष संजय पाहन व संताल परगना धर्म महासभा के महासचिव सुनील हेंब्रम भी शामिल हुए. संजय पाहन ने कहा कि सरना धर्म सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य समाज में सरना धर्म के प्रति आस्था का प्रचार-प्रसार करना है, ताकि आदिवासी समाज धर्म के रास्ते पर चल सके एवं समाज में व्याप्त बुराईयों से लड़ सके.

सरना धर्म आदि धर्म है, इसकी सभ्यता-संस्कृति बचा कर रखें

बैठक में निर्णय लिया कि आदिवासी समाज की धार्मिक पहचान, सरना धर्म कोड, राष्ट्रीय जनगणना कॉलम में शामिल करने के लिए आंदोलन चलाया जायेगा. इसी संदर्भ में मिशन दिल्ली के तहत एक करोड़ आदिवासियों द्वारा दिल्ली का घेराव, सरना धर्म कोड एवं पांचवीं अनुसूची अधिकार के लिए सफल बनाने के प्रस्ताव पारित किए गए हैं.

हलचल: सरना धर्म कोड लागू नहीं करने से आदिवासियों में आक्रोश रैली निकालेंगे, मार्च में घेरेंगे संसद

मौके पर जामताड़ा जिला सरना समिति अध्यक्ष सुनील कुमार हेंब्रम, प्रभारी श्यामलाल मरांडी, जिला सरना जुवान जुमिद अध्यक्ष सरोज हेंब्रम, निर्मल मरांडी, बैद्यनाथ हेंब्रम, किस्तोरी हेंब्रम, सरयू सोरेन, शिवधन मरांडी, सदानंद मुर्मू, राजेश मंडल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे.

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