ग्रामीण क्षेत्र में सात घंटे बिजली

जामताड़ा : जिले में बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गयी है. शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति भगवान भरोसे है. बिजली की न आने का समय है और न ही जाने का. इससे जिलेवासी परेशान हैं. बिजली की परेशानी को लेकर व्यवसायी में काफी आक्रोशित हैं. सुविधा के अनुसार बिजली नहीं मिलने से […]

जामताड़ा : जिले में बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गयी है. शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति भगवान भरोसे है. बिजली की न आने का समय है और न ही जाने का. इससे जिलेवासी परेशान हैं. बिजली की परेशानी को लेकर व्यवसायी में काफी आक्रोशित हैं. सुविधा के अनुसार बिजली नहीं मिलने से व्यवसाय पर असर पड़ रहा है. शहरी क्षेत्र में 15 से 17 घंटे बिजली दी जाती है, जबकि ग्रामीण क्षेत्र में सात घंटे ही बिजली काफी होती है.

विभाग द्वारा बिजली तार व खंभा को दुरुरत नहीं किया जा रहा है. इस कारण आये दिन आंधी-पानी में ग्रामीण क्षेत्रों में 33 हजार के तार टूट जाते हैं. ग्रामीण क्षेत्रों में कई दिनों तक बिजली गुल हो जाती है. विभाग को बिजली सप्लाई बहाल में सप्ताह भर लग जाते हैं. पिछले दिनों नारायणुर प्रखंड के क्षेत्र में बिजली आपूर्ति की लचर व्यवस्था के खिलाफ ग्रामीणों ने सड़क जाम किया था. वहीं दो दिन से कुंडहित व फतेहपुर में बिजली गुल है. लेकिन विभाग बिजली आपूर्ति करने में विफल साबित होते दिख
रहा है.
पुराना तार व खंभा बाधक : जिले के शहरी क्षेत्र से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली को ठप हो जाने का मुख्य कारण पुराना तार व खंभा है. वर्तमान समय में बिजली तार व खंभा को नहीं बदला जा रहा है. इससे कभी भी तार गिर जाता है. इससे बिजली आपूर्ति ठप हो जाती है.

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