पुलिस जांच में हनी ट्रैप के जरिये अपहरण की बात आ रही सामने
बिहार और पश्चिम बंगाल जाने वाले एनएच व राज्य मार्गों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गये
टेक्निकल सर्विलांस की मदद से पुलिस को अपहरणकर्ताओं का मिला सुराग
Jamshedpur News :
बिष्टुपुर सीएच एरिया के युवा उद्यमी कैरव गांधी के अपहरण मामले में गहन जांच और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को अपहरणकर्ताओं का सुराग मिल गया है. पुलिस टीम अब कैरव गांधी को अपहरणकर्ताओं के चंगुल से सकुशल छुड़ाने में जुटी है. संभवत: दो से तीन दिनों में पुलिस मामले का खुलासा कर सकती है. कैरव गांधी की सुरक्षित वापसी को देखते हुए पुलिस बेहद सतर्कता से और गुप्त तरीके से कार्रवाई कर रही है. इसी कारण अब तक आधिकारिक रूप से ज्यादा जानकारी साझा नहीं की जा रही है. इस मामले की निगरानी झारखंड की पुलिस महानिदेशक तदाशा मिश्रा स्वयं कर रही हैं.कई एजेंसियां जुटीं जांच में
कैरव की तलाश के लिए जमशेदपुर और सरायकेला की संयुक्त एसआइटी के अलावा एटीएस और सीआइडी की टीमों को भी लगाया गया है. कुल मिलाकर करीब 10 विशेष टीमों का गठन किया गया है. टीम में जमशेदपुर के दो डीएसपी के अलावा आठ इंस्पेक्टर, 20 एसआइ को लगाया गया है. इसके अलावा सरायकेला के भी दो डीएसपी, तीन इंस्पेक्टर, 10 एसआइ को शामिल किया गया है. टीम बिहार, पश्चिम बंगाल समेत अन्य जगहों पर लगातार कैरव की तलाश में जुटी है. पुलिस टीम ने बिहार और पश्चिम बंगाल जाने वाले एनएच व राज्य सरकार की सड़कों पर लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच की. जिसमें पुलिस को कई अहम सुराग मिले हैं.परिवार के लोगों के बयान देने पर रोक
कैरव गांधी के घर नहीं लौटने से परिवार गहरे तनाव में है. हालांकि, पुलिस ने सुरक्षा कारणों से परिवार को इस मामले में किसी भी तरह का सार्वजनिक बयान देने से मना किया है. इस बीच राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और उद्यमी संगठनों के प्रतिनिधि लगातार कैरव के पिता देवांग गांधी और उनके परिजनों से मिलकर हौसला बढ़ा रहे हैं. पुलिस का दावा है कि जांच अंतिम चरण में है और जल्द ही कैरव गांधी को सकुशल वापस लाने की दिशा में ठोस सफलता मिलने की उम्मीद है.मालूम हो कि गत 13 जनवरी की दोपहर एक बजे बिष्टुपुर सीएच एरिया के युवा उद्यमी कैरव गांधी का अपहरण कर लिया गया था. पुलिस जांच में यह बात सामने आयी की अपहरणकर्ताओं ने हनी ट्रैप के जरिये कैरव गांधी का अपहरण किया.
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