Jamshedpur news. जमशेदपुर में प्रशासन क्या ऑटो पर कस सकेगा लगाम, नियमों का पालन कराना है बड़ी चुनौती

ऑटो परमिट में प्रावधान है कि वह निश्चित स्थान से यात्री बैठाये और गंतव्य तक पहुंचाये, लेकिन नियमों का होता है उल्लंघन

Jamshedpur news.

शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए कई तरह के कदम उठाये जा रहे हैं. इस कड़ी में ऑटो चालकों पर नकेल कसा जा रहा है. जिला प्रशासन की ओर से ऑटो चालकों के लिए नये फरमान जारी कर दिये हैं. इसके तहत कहा गया है कि ऑटो चालकों के लिए यूनिफार्म अनिवार्य कर दिया गया है. यह भी कहा गया है कि उनको आइडी कार्ड लगाकर चलना होगा. सभी ऑटो चिह्नित ऑटो स्टैंड से ही सवारी बैठाये, यह सुनिश्चित कराने को कहा गया है. इसके बाद यह बहस छिड़ गयी है कि क्या शहर में ऑटो चालकों को जिला प्रशासन व्यवस्थित कर पायेगा.

पहले भी ऐसे नियम लगाने की कोशिश की गयी

जिला प्रशासन द्वारा पहले भी ऐसे नियम लगाये गये थे, लेकिन इस नियम को लागू नहीं किया गया. करीब दो साल के बाद फिर से समस्या हो गयी और अब लोग जाम में फंसते हैं, तो टेंपो वालों पर लगाम लगाने की बात करते हैं. इसको लागू जिला प्रशासन नहीं करा पायी है.

40 हजार से अधिक ऑटो हैं जिले में, अधिकांश बिना परमिट के

मिले आंकड़ों के मुताबिक, जिले में करीब 40 हजार ऑटो हैं. इन सारे ऑटो में किसी को भी सिटी में संचालित करने का परमिट तक नहीं है. ऐसे में इन सारे नये नियमों को लागू करने को लेकर प्रशासन पर सवाल उठना लाजिमी है. परिवहन प्राधिकार दो तरह का परमिट निर्गत करता है. एक बसों के लिए, जिसे स्टेट करियर परमिट कहते हैं. दूसरा ऑटो के लिए जिसे कॉन्ट्रैक्ट करियर परमिट कहा जाता है. बसों को मिलने वाले परमिट में प्रावधान होता है कि बसें जगह-जगह से यात्री बैठाती और उतारती हैं. ऑटो परमिट में प्रावधान है कि वह निश्चित स्थान से यात्री बैठाये और गंतव्य तक पहुंचाये, लेकिन इन नियमों का उल्लंघन कर कहीं भी रोककर यात्रियों को बैठाया जा रहा है.

ऑटो स्टैंड की संख्या तेजी से बढ़ी

जिले में ऑटो स्टैंड पहले काफी कम थे, लेकिन अभी अस्थायी तौर पर सड़कों के किनारे स्टैंड बना दिये गये हैं. इसे रेगुलेट नहीं किया गया है. इस वजह से सड़कों में जाम की स्थिति बन रही है.

क्या कहता है एसोसिएशन

शिक्षित बेरोजगार ऑटो चालक एसोसिएशन के श्याम किंकर झा ने बताया कि वे लोग कानून को मानने को तैयार है. ड्रेस हम लोगों ने सिलाये, बैच लगाये, लेकिन बाद में देखा गया कि सड़क के किनारों से लोगों ने ऑटो चलाना शुरू कर दिया और वे लोग कोई नियम पालन नहीं किये. इस कारण प्रशासन सिर्फ व्यवस्थित स्टैंड पर ही नकेल कस रहा है, जो गलत है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >