Jamshedpur News :
बागबेड़ा हाउसिंग कॉलोनी जलापूर्ति योजना एवं बागबेड़ा ग्रामीण जलापूर्ति योजना में क्रमशः 1 करोड़ 88 लाख 69710 रुपये और 300 करोड़ की राशि स्वीकृत होने के बावजूद आज तक जनता को शुद्ध पेयजल नहीं मिल पाया. 2015 में तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास द्वारा शिलान्यास कर योजना को 2018 तक पूर्ण करने का लक्ष्य तय किया गया था, परंतु आज तक योजना अधूरी पड़ी है. बागबेड़ा महानगर विकास समिति ने शुक्रवार को इसकी शिकायत झारखंड हाइकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से की. साथ जलापूर्ति योजना के 10 वर्ष बाद भी धरातल पर नहीं उतरने के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की. सौंपे गये शिकायत पत्र में कहा गया है कि जलापूर्ति योजना आज भी आधी अधूरी है और जनता 10 वर्षों से बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रही है. इसलिए पदाधिकारियों को आदेश देकर योजनाओं को शीघ्र पूर्ण कराया जाये और भ्रष्ट पदाधिकारियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई हो.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
