Jamshedpur News : विक्रम शर्मा हत्याकांड : शूटरों का फाइनांसर एक लाख का इनामी बागबेड़ा का यशराज सहारनपुर से गिरफ्तार
देहरादून के सिल्वर सिटी मॉल में विक्रम शर्मा की हत्या का साजिशकर्ता व शूटरों का फाइनांसर बागबेड़ा गाढ़ाबासा निवासी यशराज सिंह को पुलिस ने उत्तर प्रदेश के सहारनपुर रेलवे स्टेशन से मंगलवार की रात गिरफ्तार कर लिया.
:: पूछताछ में यशराज ने आकाश, आशुतोष, जितेंद्र के साथ मिलकर हत्या की साजिश रचने की बात कबूली
:: शूटरों के लिए स्कॉर्पियो, स्कूटी और बाइक का भी किया था इंतजाम
:: हत्या के बाद आकाश ने फोन पर यशराज को दी थी जानकारी
Jamshedpur News :
देहरादून के सिल्वर सिटी मॉल में विक्रम शर्मा की हत्या का साजिशकर्ता व शूटरों का फाइनांसर बागबेड़ा गाढ़ाबासा निवासी यशराज सिंह को पुलिस ने उत्तर प्रदेश के सहारनपुर रेलवे स्टेशन से मंगलवार की रात गिरफ्तार कर लिया. देहरादून के डालनवाला थाना में पूछताछ के बाद बुधवार को उसे जेल भेज दिया गया. डालनवाला थाना प्रभारी संतोष सिंह कुंवर ने बताया कि गिरफ्तार यशराज सिंह ने ही आकाश प्रसाद, आशुतोष, विशाल और जितेंद्र के साथ मिलकर विक्रम शर्मा की हत्या की योजना बनायी थी. जिसमें उसने अंकित को भी शामिल किया था. यशराज ने ही शूटरों को फंडिंग की थी. उसी ने देहरादून में हत्या के बाद भागने के लिए स्कॉर्पियो की व्यवस्था की थी. इसके अलावा हत्या में इस्तेमाल की गयी किराये की बाइक व स्कूटी का पैसा भी यशराज ने ही दिया था. उन्होंने बताया कि विक्रम शर्मा की हत्या के बाद विशाल ने फोन कर यशराज को जानकारी दी थी. जिसके बाद यशराज सिंह और उसके पिता राजकुमार सिंह बागबेड़ा से फरार हो गये थे. पूछताछ में गिरफ्तार यशराज सिंह द्वारा बताया गया कि वह वर्ष 2024 से टाटानगर रेलवे स्टेशन पर दुकानों में बिकाजी, नमकीन, चिप्स, केक, बिस्किट आदि की सप्लाई का काम करता था. विशाल सिंह के कहने पर उसने अपने साथी आकाश प्रसाद, अंकित वर्मा एवं जितेंद्र साहू के साथ मिलकर विक्रम शर्मा को ठिकाने लगाने की योजना बनायी थी, जिसमें उसने अपने एक अन्य साथी मोहित उर्फ अक्षय ठाकुर को भी शामिल किया था. गिरफ्तार यशराज सिंह पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था. इस मामले में पूर्व में यशराज सिंह के पिता राजकुमार सिंह और मोहित को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है.
दिसंबर में नोएडा व दिल्ली में हत्या की थी योजना
पूछताछ में यशराज ने पुलिस को बताया कि दिसंबर 2025 व उससे पहले भी विक्रम शर्मा को नोएडा व दिल्ली में मारने का प्रयास किया गया था. मगर उस वक्त वे लोग इसमें सफल नहीं हो पाये थे. जिसके बाद देहरादून में ही विक्रम शर्मा की हत्या की योजना बनायी.
अंकित वर्मा कर रहा था विक्रम शर्मा की रेकी
पुलिस के अनुसार अंकित वर्मा ने विक्रम शर्मा की दिनचर्या की रेकी कर पूरी जानकारी दी थी. बताया था कि विक्रम शर्मा सुबह के समय जिम में अकेले जाता है. जिसके बाद जिम में आते या जाते समय ही उसकी हत्या की योजना बनायी गयी थी. घटना को अंजाम देने के लिए विशाल, आशुतोष के साथ यशराज व आकाश प्रसाद को भी देहरादून आना था, पर यशराज की मां का स्वास्थ्य खराब होने के कारण वह अपने पिता के कहने पर घर पर ही रूक गया था. विशाल और आशुतोष उसके पिता राजकुमार से उसकी स्कॉर्पियो नंबर (जेएच05डीजेड 5517) की चाबी लेकर देहरादून गया था. वहां अंकित वर्मा के साथ मिलकर मानगो उलीडीह के जितेंद्र साहू की मोटरसाइकिल का इस्तेमाल कर घटना को अंजाम दिया गया था.
रांची से फ्लाइट से दिल्ली गया था आकाश प्रसाद
पुलिस के अनुसार यशराज ने बताया कि उसी ने ही गत 12 फरवरी 2026 को घटना में शामिल शूटर आकाश प्रसाद को फ्लाइट से रांची से दिल्ली आने के लिए यूपीआई से 15 हजार रुपये और रास्ते के खर्च के लिए दस हजार रुपये अलग से दिये थे. घटना में शामिल आकाश के हरिद्वार के होटल में खाने व ठहरने का भुगतान भी यशराज द्वारा ही किया गया था. यशराज पुलिस से बचने के लिए अपनी बुआ के घर खड़गपुर पश्चिम बंगाल चला गया था.
विशाल, आकाश, आशुतोष, जितेंद्र और मोहित के घर की होगी कुर्की
विक्रम शर्मा हत्याकांड में बतौर शूटर रहे बागबेड़ा गाढ़ाबासा निवासी विशाल सिंह, जुगसलाई आरपी पटेल स्कूल रोड निवासी आशुतोष कुमार सिंह, बागबेड़ा बजरंगटेकरी रोड निवासी आकाश प्रसाद, उलीडीह टैंक रोड निवासी जितेंद्र कुमार साहू और लोहरदगा टंगराटोली निवासी अंकित कुमार वर्मा के खिलाफ देहरादून कोर्ट से कुर्की का आदेश जारी कर दिया गया है. डालनवाला थाना प्रभारी संतोष सिंह कुंवर ने बताया कि सभी फरार आरोपियों के घरों की जल्द ही कुर्की की जायेगी.