कोर्ट ने तीनों पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया
Jamshedpur News :
कदमा थाना क्षेत्र के बहुचर्चित विकास हो हत्याकांड में शुक्रवार को न्याय की जीत हुई. एडीजे-1 के पट्टेदार की अदालत ने मामले में दोष सिद्ध होने के बाद घाघीडीह सेंट्रल जेल में बंद तीनों दोषियों- जंबू सिंह भूमिज उर्फ मझला पात्रो, समीर गोप और मंगला पात्रो को उम्रकैद की सजा सुनायी है. साथ ही, कोर्ट ने तीनों दोषियों पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है.
परिस्थितिजन्य साक्ष्यों ने बुना सजा का जाल
इस हत्याकांड की सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि वारदात का कोई प्रत्यक्षदर्शी नहीं था. बावजूद इसके, पुलिस की अनुसंधान और अभियोजन पक्ष द्वारा पेश किये गये परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने इसे ”रेयरेस्ट” मानते हुए तीनों को दोषी माना. केस के अनुसंधान पदाधिकारी समेत कुल 11 गवाहों की गवाही हुई.
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े रहे दोषी
सुरक्षा कारणों और जेल मैनुअल को देखते हुए सजा के बिंदु पर सुनवाई के दौरान तीनों दोषी घाघीडीह सेंट्रल जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये जुड़े थे. जज ने जब उम्रकैद का फैसला सुनाया, तो जेल में बंद दोषियों के चेहरे पर मायूसी छा गयी.
क्या है पूरा मामला
26 मार्च 2023 को कदमा में विकास हो की चापड़ से हमला कर और भारी पत्थर से कुचलकर बेरहमी से हत्या कर दी गयी थी. मृतक की मां श्रीमती हो के बयान पर तीनों नामजद आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जिसके बाद से वे लगातार घाघीडीह सेंट्रल जेल में ही बंद थे. कोर्ट ने 24 जनवरी 2026 को दोषी करार दिया और 30 जनवरी को सजा सुनायी.
ऊपरी अदालत में अपील की तैयारी
इधर, फैसले के बाद बचाव पक्ष के अधिवक्ता विद्या सिंह ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि वे जिला अदालत के इस फैसले का सम्मान करते हैं, लेकिन न्याय के लिए जल्द ही ऊपरी अदालत में अपील याचिका दाखिल करेंगे.
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