उत्तरी सरजामदा और शंकरपुर को जोड़ने वाली एकमात्र सड़क बंद, दो गांवों का संपर्क टूटा

जमशेदपुर के उत्तरी सरजामदा में पहली ही बारिश में 13 लाख की लागत से बन रहा गार्डवाल और सड़क बह गई। ग्रामीणों ने घटिया निर्माण और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है।

प्रमुख संवाददाता, जमशेदपुर

जुगसलाई विधानसभा क्षेत्र के उत्तरी सरजामदा स्थित बड़ा सरजामदा तालाब के किनारे विधायक निधि से करीब 13 लाख रुपये की लागत से बन रहा 230 फीट लंबा आरसीसी गार्डवाल पहली ही बारिश में ढह गया. गार्डवाल के साथ तालाब की मेढ़ पर दूसरे विभाग द्वारा बन रही 10 फीट चौड़ी और 700 फीट लंबी सड़क का बड़ा हिस्सा भी बह गया. घटना को चार दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक न तो विभागीय जांच टीम मौके पर पहुंची है और न ही संबंधित इंजीनियर या ठेकेदार ने स्थिति का जायजा लिया है. ग्रामीणों के अनुसार शनिवार देर रात करीब दो बजे लगातार बारिश के दौरान तेज आवाज के साथ गार्डवाल और सड़क का हिस्सा भरभरा कर ढह गया था. इससे उत्तरी सरजामदा और शंकरपुर को जोड़ने वाली एकमात्र सड़क पूरी तरह बंद हो गयी, जिससे दोनों गांवों के लोगों का संपर्क टूट गया है.

घटिया सामग्री के इस्तेमाल का आरोप

ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में भारी अनियमितता बरती गयी. घटिया निर्माण सामग्री का इस्तेमाल किया गया और मानक के अनुरूप सरिया भी नहीं लगाया गया. निर्माण के दौरान कई बार गुणवत्ता पर सवाल उठाये गये, लेकिन शिकायतों को नजरअंदाज कर काम जारी रखा गया. ग्रामीणों ने बताया कि तालाब से पानी निकासी के लिए पुलिया का निर्माण होना था, लेकिन दो गांवों के बीच विवाद के कारण पानी निकासी की व्यवस्था नहीं हो सकी. बारिश में पानी का दबाव बढ़ने से गार्डवाल और सड़क दोनों बह गये तथा मिट्टी का भी भारी कटाव हो गया.

तालाब मालिक को मछली बहने का सता रहा डर

तालाब के मालिक वारिस महतो ने बताया कि उन्होंने हाल ही में करीब 50 हजार रुपये की मछलियां तालाब में छोड़ी है. गार्डवाल टूटने से मछलियों के बह जाने का खतरा उत्पन्न हो गया है. उनका आरोप है कि कई बार ठेकेदार को निर्माण की गुणवत्ता सुधारने के लिए कहा गया, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया. निर्माण के दौरान विभागीय इंजीनियर कभी निरीक्षण के लिए नहीं पहुंचे. घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने उपायुक्त से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने, जिम्मेदार ठेकेदार व अधिकारियों पर कार्रवाई करने और नुकसान की भरपाई कराने की मांग की है.

दो गांवों के बीच जल निकासी को लेकर आपसी विवाद के कारण स्थायी समाधान नहीं निकल सका, इसी वजह से यह स्थिति उत्पन्न हुई है. जहां तक सड़क और गार्डवाल निर्माण की बात है, कार्य पूरी गुणवत्ता और स्वीकृत तकनीकी मानकों के अनुसार विभागीय इंजीनियरों की निगरानी में करायी गयी है.- संतोष ओझा, ठेकेदार

मुझे अभी इसकी जानकारी नहीं है, देखना पड़ेगा. फिलहाल मैं इसकी लागत और लंबाई के बारे में कुछ नहीं बता सकता.- विजय भूषण, जूनियर इंजीनियर


प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Sanjeev bhardwaj

Published by: Sweta Vaidya

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >