Jamshedpur News : कैरव अपहरण कांड : साजिशकर्ता नालंदा के साद आलम ने कोर्ट में दी अग्रिम जमानत की अर्जी, 25 को सुनवाई
कैरव गांधी के अपहरण के मामले में फरार मुख्य साजिशकर्ता लुधियाना निवासी तजिन्दर पाल सिंह का साथी नालंदा निवासी साद आलम ने कोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी दाखिल की है.
By RAJESH SINGH | Updated at :
जमशेदपुर (फाइल फोटो)
कोर्ट ने केस डायरी मांगी, अबतक नालंदा के साद आलम को गिरफ्तार नहीं कर सकी है पुलिस
गिरफ्तार गुड्डू सिंह और अर्जुन सिंह की जमानत हो चुकी है खारिज
साद आलम ने तजिन्दर पाल सिंह के साथ मिलकर बनायी थी कैरव गांधी के अपहरण की योजना
Jamshedpur News :
बिष्टुपुर सीएच एरिया के युवा उद्यमी कैरव गांधी के अपहरण के मामले में फरार मुख्य साजिशकर्ता लुधियाना निवासी तजिन्दर पाल सिंह का साथी नालंदा निवासी साद आलम ने कोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी दाखिल की है. कोर्ट ने सुनवाई की तारीख 25 मार्च को मुकर्रर की है. कोर्ट ने इस मामले में बिष्टुपुर थाना से केस डायरी की भी मांग की है. इधर, इस मामले में जेल भेजे गये नालंदा निवासी गुड्डू सिंह और गया बुनियादगंज निवासी अर्जुन सिंह की जमानत सीजेएम कोर्ट ने खारिज कर दी है. इधर, इस मामले में पुलिस पीड़ित उद्यमी कैरव गांधी का भी कोर्ट में बयान दर्ज करा चुकी है. जिसमें कैरव गांधी ने कोर्ट को आपबीती बतायी है. पुलिस इस मामले में गिरफ्तार आरोपी की टीआईपी कराने की तैयारी में है. मालूम हो कि कैरव गांधी अपहरण केस में मुख्य साजिशकर्ता तजिन्दर पाल सिंह और साद आलम ही था. साद आलम ने ही मो. इमरान, गुड्डू सिंह, उपेंद्र सिंह व अन्य से जतिन्दर पाल सिंह की मुलाकात करायी थी. जिसके बाद सभी ने मिलकर कैरव गांधी के अपहरण की योजना बनायी थी. कैरव का अपहरण करने के बाद साद आलम मुख्य साजिशकर्ता तजिन्दर पाल सिंह के साथ दुबई चला गया था. कुछ दिनों तक दुबई में रहने के बाद वह वापस लौट गया. पुलिस अबतक साद आलम और तजिन्दर पाल सिंह को भी गिरफ्तार नहीं कर सकी है. कैरव गांधी अपहरण मामले में गयाजी निवासी रुपेश पासवान भी पुलिस की पहुंच से बाहर है. कैरव गांधी अपहरण केस में पुलिस ने अबतक 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. जबकि अभी भी पांच से छह आरोपी पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं.
13 जनवरी को हुआ था अपहरण
बिष्टुपुर सीएच एरिया निवासी व युवा उद्यमी कैरव गांधी का अपहरण 13 जनवरी को घर से महज 100 मीटर की दूरी पर सोनारी-कदमा लिंक रोड गोलचक्कर के पास से हुआ था. 13 दिनों तक अपहरणकर्ताओं के चंगुल में रहने के बाद 14 वें दिन पुलिस ने कैरव गांधी को घर पहुंचाया था. इस मामले में कैरव गांधी के पिता देवांग गांधी ने बिष्टुपुर थाना में केस दर्ज कराया था.