झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग (जेएसइआरसी) ने टाटा स्टील को जमशेदपुर लाइसेंस वाले क्षेत्र के लिए भारतीय सौर ऊर्जा निगम (एसइसीआइ) से 50 मेगावाट सोलर पावर खरीदने की मंजूरी दे दी है. आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति नवनीत कुमार और सदस्य (कानून) महेंद्र प्रसाद की पीठ ने केस संख्या 09/2026 में फैसला सुनाते हुए पावर सेल एग्रीमेंट को स्वीकृति प्रदान की.
2.54 रुपये प्रति यूनिट की दर से खरीदी जायेगी सौर बिजली
समझौते के अनुसार, टाटा स्टील 2.54 रुपये प्रति किलोवाट प्रति यूनिट की दर से बिजली खरीदेगी. इसके अतिरिक्त, मध्यस्थ खरीदार के रूप में कार्य करने के लिए एसइसीआइ को 0.07 रुपये प्रति यूनिट ट्रेडिंग मार्जिन भी दिया जायेगा.
सौर ऊर्जा की खरीद से टाटा स्टील को अपनी रिन्यूएबल पर्चेज ऑब्लिगेशन (आरपीओ) की अनिवार्य शर्तों को पूरा करने में मदद मिलेगी. नियामक आयोग नियमावली 2024 के अनुसार, वितरण लाइसेंसधारियों के लिए नवीकरणीय ऊर्जा खपत का लक्ष्य वर्ष 2024-25 में 29.91 फीसदी से बढ़ाकर 2025-26 में 33.01 फीसदी और 2029-30 तक 43.33 फीसदी करना अनिवार्य है. इस खरीद से टाटा स्टील चालू वित्त वर्ष में अपने लक्ष्य को आसानी से हासिल कर सकेगी.
टाटा स्टील और एसइसीआइ के बीच 2025 में हुआ था समझौता
टाटा स्टील और भारतीय सौर ऊर्जा निगम के बीच 17 अक्तूबर 2025 को इंटर स्टेट ट्रांसमिशन सिस्टम (आइएसटीएस) मैन्युफैक्चरिंग स्कीम के तहत समझौता हुआ था. बाद में भारतीय सौर ऊर्जा निगम ने 50 मेगावाट क्षमता की आपूर्ति के लिए 2 जनवरी 2026 को सौर डेवलपर एज्योर सोलर प्राइवेट लिमिटेड के साथ पावर पर्चेज एग्रीमेंट किया.
सुनवाई के बाद आयोग ने माना कि प्रतिस्पर्धात्मक बोली प्रक्रिया से न्यूनतम दर पर हरित ऊर्जा उपलब्ध कराना व्यापक जनहित में है. अंतिम आदेश पारित करते हुए आयोग ने समझौते को औपचारिक मंजूरी दी और याचिका का निष्पादन कर दिया.
मालूम हो कि नवीकरणीय ऊर्जा पर टाटा स्टील फोकस कर रही है. टाटा पावर के सहयोग से कंपनी 41 मेगावाट का सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट विकसित कर चुकी है. इसमें से लगभग 22 मेगावाट पीक की क्षमता जमशेदपुर को रूफटॉप, ग्राउंड-माउंटेड और फ्लोटिंग सोलर इंस्टॉलेशन के जरिये बिजली देगी.
