रोजगार भर्ती कैंप. 150 दिव्यांग हुए शामिल, कई कंपनियों ने ऑनस्पॉट किया चयन
jamshedpur
सिंहभूम चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री एवं यंग इंडियन द्वारा लियोनार्ड चेशायर डिसेबिलिटी ट्रस्ट के सहयोग से बिष्टुपुर स्थित चेंबर भवन में “स्माइल परियोजना” के तहत दिव्यांगों के लिए रोजगार भर्ती कैंप का सफल आयोजन किया गया. कैंप में ऑनस्पॉट विकलांगों का टेस्ट हुआ और उनका चयन हुआ. ‘‘इन्क्लूसिव टैलेंट, लिमिटलेस पॉसिबिलिटिज’’ की थीम पर आधारित इस आयोजन में लगभग150 दिव्यांगों ने हिस्सा लिया. जिनमें से 65 अभ्यर्थियों को विभिन्न कंपनियों ने चयनित किया. कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि उपायुक्त राजीव रंजन व अतिथि के रूप में डीटीओ धनंजय उपस्थित रहे.ऐसे आयोजन से दिव्यांगों को बढ़ता है आत्मविश्वास : उपायुक्त
रोजगार भर्ती कैंप के उद्घाटन के अवसर पर उपायुक्त राजीव रंजन ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन दिव्यांगों को आत्मविश्वास एवं प्रोत्साहन प्रदान करते हैं. उन्होंने कहा कि कई बार दिव्यांग स्वयं को समाज की मुख्यधारा से अलग महसूस करने लगते हैं, लेकिन ऐसे प्रयास उन्हें समाज एवं रोजगार से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनते हैं.दिव्यांगों की प्रतिभा को उचित मंच देना उद्देश्य
आयोजकों ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि समाज में जागरूकता बढ़ाना एवं दिव्यांगजनों की प्रतिभा को उचित मंच प्रदान करना भी है. कार्यक्रम का संचालन चेंबर के महासचिव पुनीत कांवटिया ने किया. कार्यक्रम में चैंबर के पूर्व अध्यक्ष मुरलीधर केडिया, निवर्तमान अध्यक्ष विजय आनंद मूनका तथा सम्मानित अतिथि के रूप में जुगल किशोर रिंगसिया ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया.इनका रहा
योगदान:
इस आयोजन को सफल बनाने में चेंबर अध्यक्ष मानव केडिया, उपाध्यक्ष हर्ष अग्रवाल, अधिवक्ता राजीव अग्रवाल, अभिषेक अग्रवाल गोल्डी, सचिव बिनोद शर्मा, अधिवक्ता अंशुल रिंगसिया, उमेश खीरवाल, अजय अग्रवाल, पवन नरेडी तथा यंग इंडियन से आकाश केडिया, उमंग राणपारा समेत सिंहभूम चेंबर, यंग इंडियन एवं लियोनार्ड चेशायर डिसेबिलिटी ट्रस्ट की टीम का सक्रिय योगदान दिया.इन कंपनियों ने लिया हिस्सा :
रोजगार भर्ती कैम्प में टाटा स्टील, टाटा मोटर्स , मेटाग्रेल ट्यूब्स, होटल एनएच हिल्स, एलिमेंट्स कॉर्पोरेशन, स्ट्रीम डिजिटल सर्विस, शुभम इंटरप्राइजेज, भालोटिया इंजीनियरिंग वर्क्स प्रा लि, रेसिलिएंट्स टेक्निकल सोल्यूशन्स, शैली इंटरप्राइजेज, यूनाइटेड इन्फ्राकोर लि, आरूष मेटल कास्टिंग लि, गजानन फेरो प्रा लि. होटल रमाडा. होटल अल्कोर, बेब्को मोटर्स प्रा लि, त्रिवेणी इंजीकॉन्स प्रा लि, दयाल बिल्डर्स प्रा लि, रामकृष्ण फोर्जिंग्स लि, आरएसबी ट्रांसमिशन क्रॉस इंडिया प्रा लि, एएसएल इंटरप्राइजेज, उत्कल ऑटोमोबाइल्स, सुदिशा फाउंड्री प्रा लि, बीएमसी ग्रुप एवं एसएसएस मेहता इंडस्ट्रीज लि ने हिस्सा लिया.बोले दिव्यांग
-एमकॉम, अकाउंटेंसी और कंप्यूटर डिप्लोमा करने के बावजूद नौकरी नहीं मिल रही थी. दिव्यांग होने के बाद भी मैं सामान्य महिला की तरह हर काम करती हूं. इस रोजगार मेले ने मुझे मौका दिया है, अब मैं अपने पैरों पर खड़ी हो सकूंगी.
– कुहू चटर्जी, साकची निर्मल नगर ह्यूमपाइप—–
लो विजन की वजह से काफी परेशानियां हुईं, लेकिन यहां आकर मुझे बेबको मोटर्स से बुलावा मिला है. बस एक मौका चाहिए, खुद को साबित कर दूंगा. इस कैंप ने मेरा आत्मविश्वास बढ़ाया है.-तरुण सरदार, रोलाडीह, हाता———–
हाथ में दिक्कत है, लेकिन मैं आसानी से काम कर सकता हूं. इस कैंप ने मेरे हुनर को पहचान दी है. यहां आकर लगा कि हमें भी आगे बढ़ने का अवसर मिल सकता है.-छोटू सिंह, मटवारी, हजारीबाग—————-
टाटा स्टील फाउंडेशन में मौका मिला है. 12वीं पास हूं, लेकिन इस कैंप ने नयी उम्मीद दी है. अब हम अपने और परिवार के लिए बेहतर जीवन की शुरुआत कर सकते हैं.-संगम प्रसाद वर्मा, कुडरू, रांची—-
बोलें नियोक्ता
कई दिव्यांगों को शॉर्टलिस्ट किया गया है. इनमें जबरदस्त हुनर है. अगर इन्हें सही अवसर मिले तो ये किसी से कम प्रदर्शन नहीं करेंगे.– पुनित कावंटिया, प्रोपराइटर, रूपा इलेक्ट्रिकल
—हमारे लिए यह बेहतरीन अवसर है कि हम सीधे दिव्यांगों को रोजगार से जोड़ पा रहे हैं. इन लोगों में गजब की प्रतिभा और कार्यक्षमता है.
– नितिशा तिवारी, स्ट्रीम डिजिटल सर्विसेज, मानगो——–इस तरह का कैंप पहली बार लगा है और यह गर्व की बात है कि हम दिव्यांगजनों को रोजगार दे पा रहे हैं. ये लोग बेहद मेहनती हैं और इन्हें मुख्यधारा से जोड़ने की जरूरत है.
-केबी राय, आरुष मेटल कास्टिंग लिमिटेड——–
हमने कई दिव्यांगों का इंटरव्यू लिया. एक से बढ़कर एक हुनरमंद लोग हैं. सही मार्गदर्शन और अवसर मिले तो समाज में इन्हें बराबरी का अधिकार और सम्मान मिल सकता है.-सुजय जोसेफ, मालाबाल कार्बन प्राइवेट लिमिटेड—————-
क्या कहते हैं आयोजक :
इस पहल का मुख्य उद्देश्य दिव्यांगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराकर कार्यबल में उनकी समान भागीदारी सुनिश्चित करना है. सिंहभूम चेंबर अपने सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति सदैव प्रतिबद्ध रहा है-मानव केडिया, अध्यक्ष, सिंहभूम चैंबर
——————दिव्यांगों में भी सामान्य व्यक्तियों की भांति असाधारण प्रतिभा, समर्पण एवं विशिष्ट दृष्टिकोण होता है, जो किसी भी संगठन के विकास एवं विविधता में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है. आवश्यकता केवल उन्हें उचित अवसर उपलब्ध कराने की है- उदित अग्रवाल, पूर्व चेयरमैन, यंग इंडियन
—————–मेरी संस्था अधिक से अधिक दिव्यांगों को समाज एवं रोजगार से जोड़ने का कार्य कर रही है. सिंहभूम चेंबर एवं यंग इंडियन जैसी संस्थाओं का सहयोग समाज के प्रति उनकी संवेदनशीलता एवं प्रतिबद्धता को दर्शाता है.
-अनुराधा पाटिल, लियोनार्ड चेशायर डिसेबिलिटी ट्रस्ट