ट्रेनों के रद्द होने को लेकर रेलवे के बहाने – हाथी, धुंध व डेवलपमेंट
Jamshedpur (Brajesh Singh) :
ठंड का मौसम, छुट्टियों का दिन और लोग घूमने-फिरने या अपने काम से बाहर जाने की योजना बनाते हैं. लेकिन जैसे ही ट्रेन का शेड्यूल देखते हैं, सारी उम्मीदें टूट जाती हैं. पता चलता है कि अधिकतर ट्रेनें या तो रद्द हैं, या किसी दूसरे रूट पर डायवर्ट कर दी गयी हैं, या फिर शॉर्ट टर्मिनेट कर दी गयी है. यानी जहां तक जाना है, ट्रेन वहां तक जायेगी ही नहीं. ऐसे में यात्रियों की सारी तैयारियां धरी की धरी रह जाती है. कारोबार या अन्य कार्यों से ट्रेनों के सहारे आने-जाने वाले लोग परेशान हैं. पहले से ही इंडिगो संकट और कुहासे के कारण हवाई यात्रा बाधित है और अब ट्रेन सेवा भी बदहाल हो चुकी है. हालात यह है कि सौ से अधिक ट्रेनें कोल्हान की ऐसी है, जो दिसंबर से लेकर जनवरी तक में या तो रद्द हो चुकी है या फिर डायवर्ट है या फिर शॉर्ट टर्मिनेट की गयी है. इससे हजारों यात्री परेशान हैं. रेलवे के पास ट्रेनों के रद्द करने के कई कारण हैं. कभी हाथी के ट्रैक पर आने के कारण ट्रेन को रद्द कर देना, तो कभी कुहासा, धुंध और डेवलपमेंट कार्य भी इसकी वजह बतायी जा रही है. लेकिन सच तो यह है कि गर्मियों की छुट्टी में भी यही हाल था और अब ठंड की छुट्टी में भी यही हाल है. छोटी दूरी वाले तो चार पहिया या बसों के सहारे अपना काम चला रहे हैं, लेकिन लंबी दूरी वाले यात्री नहीं जा पा रहे हैं. परीक्षा देने वाले परीक्षार्थी और इलाज कराने जाने वाले मरीजों की परेशानी बढ़ गयी है. रेलवे के पास इसका कोई जवाब नहीं है.टाटानगर से रोजाना यात्रा करते हैं करीब 45 हजार यात्री, लोकल यात्रियों और गरीबों की मुश्किलें बढ़ीं
टाटानगर स्टेशन एनएसजी-2 कैटेगरी में है. वर्तमान में यहां से रोजाना 44169 पैसेंजर यात्रा करते हैं. पीक आवर ट्रैफिक अभी 4417 है. वर्तमान में टाटानगर स्टेशन पर 57 मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव होता है, जबकि 35 पैसेंजर ट्रेनें यहां से होकर गुजरती है. यहां से खुलने वाली मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों की संख्या 17 जोड़ी है, जबकि पैसेंजर भी 17 जोड़ी चलती है. जाहिर सी बात है कि ट्रेनों के रद्द होने के कारण लोग परेशान हैं और हजारों यात्री रोज सफर नहीं कर पा रहे हैं. हालात यह है कि जो ट्रेनें चल रही है, वह अपने निर्धारित समय पर नहीं चल पा रही है. सभी ट्रेनें एक साल से देर से ही चल रही है. इसको दुरुस्त करने के काफी दावे किये गये, लेकिन हकीकत इसके विपरित है. सबसे ज्यादा परेशान तो लोकल यात्री हैं. सब्जी, दातून व अन्य सामान एक जगह से दूसरी जगह ले जाकर बेचने वाले छोटे कारोबारी भी परेशान हैं. गरीब किसानों की भी मुश्किलें बढ़ गयी हैं, क्योंकि लोकल, मेमू और पैसेंजर ट्रेनें रद्द है. इस वजह से उन्हें सब्जी व अन्य कृषि उत्पाद एक-जगह से दूसरी जगह ले जाने में ज्यादा खर्च करना पड़ रहा है या कम कीमत पर घर पर ही बेचना पड़ रहा है.क्या कहते हैं यात्री
1. ट्रेन से यात्रा करना अब काफी मुश्किल हो गया है. हमलोग रोज़ाना यहीं से आना-जाना करते हैं और अपने छोटे-छोटे सामान लेकर आते-जाते हैं. लेकिन जब ट्रेनें अचानक रद्द हो जाती हैं, तो मजबूरी में इंतजार करना पड़ता है. कई बार घंटों प्लेटफॉर्म पर खड़े रहना पड़ता है. कभी कोई दूसरी वैकल्पिक ट्रेन मिल जाये, तो उसी से सफर करना पड़ता है.दशरत सोरेन, चाईबासा निवासी
2. छुट्टी को लेकर ट्रेनों की बुकिंग तीन माह पहले से की जाती है. अब हालत यह है कि बुकिंग अंतिम समय में रद्द करनी पड़ रही है. क्योंकि ट्रेनें रद्द कर दी जा रही हैं. सारी प्लानिंग बेकार हो जा रही है. हालात कब ठीक होगा, मालूम नहीं .करण कुमार, बागबेड़ा निवासी
क्या कहता है रेलवे
घना कोहरा और कुहासा के कारण ट्रेनों को रद्द किया गया है. इसके अलावा कोल्हान में डेवलपमेंट का काम भी चल रहा है. इसमें कोई बहानेबाजी नहीं है. डेवलपमेंट भी जरूरी है और कुहासा प्राकृतिक परेशानी है. हाथियों के आने की सूचना पर उनकी सुरक्षा भी जरूरी है. इस कारण ट्रेनों को रद्द किया जा रहा है.आदित्य चौधरी, सीनियर डीसीएम, चक्रधरपुर रेल मंडल, दक्षिण पूर्व रेलवे
दिसंबर से जनवरी तक रद्द की जाने वाली ट्रेनें
1. 20 दिसंबर से 20 जनवरी तक टाटा-इतवारी-टाटानगर, हटिया-झारसुगुड़ा-हटिया, टाटानगर-राउरकेला-टाटानगर मेमू, हटिया-राउरकेला-हटिया पैसेंजर रद्द2. रांची और चक्रधरपुर रेल मंडल के अधीन चलने वाली 17 ट्रेनों को फरवरी तक के लिए रद्द कर दिया गया है, क्योंकि घना कोहरा रहेगा3. रांची होकर चलने वाली 11 ट्रेनों को रद्द किया गया है, जो 10 दिसंबर से 7 जनवरी तक रहेगा4. टाटा-बिलासपुर व टाटा-हटिया ट्रेन को 7 जनवरी को रद्द किया गया है. जबकि शालीमार, गुनुपीर, राउरकेला, झारसुगुड़ा, संबलपुर समेत कई ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है.
5. डेवलपमेट के कारण आसनसोल-आद्रा-आसनसोल, बराभूम, झारग्राम, धनबाद समेत कई ट्रेनें रद्द की गयी हैं. 15 से 22 दिसंबर के बीच आद्रा डिवीजन में यह रद्दीकरण की गयी है.6. टाटानगर-राउरकेला मेमू ट्रेन 18 और 19 दिसंबर को रद्द
7. रेलवे ने हाथियों के कारण चक्रधरपुर-राउरकेला-चक्रधरपुर मेमू, टाटानगर-राउरकेला-टाटानगर मेमू, हटिया-झारसुगुड़ा-हटिया मेमू, राउरकेला-झारसुगुड़ा-राउरकेला मेमू और बादामपहाड़-बांगिरिपोसी-बादामपहाड़ व राउरकेला-पुरी एक्सप्रेस, चक्रधरपुर-राउरकेला-चक्रधरपुर मेमू और पैसेंजर ट्रेनों को पांच दिनों से रद्द रखा है8. खड़गपुर रेल मंडल में ब्लॉक के कारण खड़गपुर से भुवनेश्वर, भद्रक, बालेश्वर और जयपुर की ट्रेनों को रद्द करने का आदेश हुआ है.
9. टाटानगर-चाकुलिया-टाटा मेमू पैसेंजर ट्रेन, खड़गपुर-झाड़ग्राम-पुरुलिया-झाड़ग्राम-खड़गपुर मेमू पैसेंजर ट्रेन, खड़गपुर-टाटा-खड़गपुर पैसेंजर ट्रेन और मेमू ट्रेन 19 दिसंबर को रद्द10. मेगा ब्लॉक डेवलपमेंट के लिए लिया गया, जिस कारण 20 दिसंबर से 20 जनवरी तक टाटा-इतवारी-टाटा एक्सप्रेस, हटिया-झारसुगोड़ा-हटिया एक्सप्रेस और टाटा-राउरकेला-टाटा मेमू ट्रेन रद्द कर दी गयी, जबकि कई ट्रेनें डायवर्ट है.
11. दो जनवरी से अगले आदेश तक 18 मेमू ट्रेनें रद्दडिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
