वरीय संवाददाता, जमशेदपुर
आगामी विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले को लेकर जहां प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां अंतिम चरण में हैं, वहीं स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी ड्यूटी लिस्ट में जिले के किसी भी डॉक्टर व कर्मचारियों का नाम नहीं है. इसका मुख्य कारण जिले में तेजी से मिल रहे मलेरिया के मरीज बताया जा रहा है. जिले में जितने डॉक्टर व कर्मचारी हैं, उसमें से अधिकतर डॉक्टरों व कर्मचारियों को इस अभियान में लगाया गया है.
पिछले दिनों जिले के शहरी और ग्रामीण इलाकों में मलेरिया और संदिग्ध बुखार के मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा दर्ज किया गया है. अगर जिले के अनुभवी डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ को श्रावणी मेले की ड्यूटी में भेज दिया जाता, तो स्थानीय स्तर पर मरीजों का इलाज बुरी तरह प्रभावित हो सकता था. जिले में इस समय जांच के साथ ही मलेरिया रोधी दवाइयों का छिड़काव और फागिंग अभियान तेज कर दिया गया है. सिविल सर्जन डॉक्टर साहिर पाल ने सभी स्वास्थ्य केंद्रों को हाई अलर्ट पर रहने और मलेरिया जांच किट की पर्याप्त उपलब्धता बनाये रखने के सख्त निर्देश दिया है.
