वरीय संवाददाता, जमशेदपुर पोटका सहित अन्य जगहों पर तेजी से फैल रही मलेरिया बीमारी को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने सख्त रुख अपनाया है. जिले में जांच और जागरुकता अभियान तेज करने के बीच सिविल सर्जन डॉ साहिर पाल ने लापरवाही बरतने वाले स्वास्थ्यकर्मियों पर कार्रवाई शुरू कर दी है. शुक्रवार को पोटका के 12 डॉक्टरों को एक साथ शोकॉज किया गया था, वहीं शनिवार को कार्य में लापरवाही व ड्यूटी सेअनुपस्थित करने के कारण पोटका में दो एएनएम व एक सहिया पर भी कार्रवाई की गयी. सिविल सर्जन ने अपने निरीक्षण के दौरान पोटका में कार्यरत एएनएम ज्योति कुमारी और अंजेला मिंज को ड्यूटी से अनुपस्थित पाया. दोनों पर कार्य में लापरवाही का आरोप लगाते हुए 24 घंटे के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया गया है. स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि मलेरिया नियंत्रण अभियान में किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी. वहीं, पोटका के कड़ियाशाही गांव में तैनात सहिया लक्ष्मी सरदार पर भी गंभीर आरोप लगे हैं. निरीक्षण के दौरान पाया गया कि वह मलेरिया रोकथाम और जागरुकता अभियान में कोई काम नहीं कर रही थी तथा दूसरे कार्य में लगी हुई थी. इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए उसे कार्य से हटाने का निर्देश दिया गया है.
काम में लापरवाही बरतने पर सहिया को हटाने का निर्देश, ड्यूटी से अनुपस्थित दो एएनएम से मांगा जवाब
जमशेदपुर में मलेरिया नियंत्रण में लापरवाही बरतने पर स्वास्थ्य विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। पोटका में एक सहिया को हटाया गया और दो एएनएम से जवाब मांगा गया है।

काम में लापरवाही बरतने पर सहिया को हटाने का निर्देश, ड्यूटी से अनुपस्थित दो एएनएम से मांगा जवाब