पोटका में अवैध रूप से संचालित एक क्लीनिक को कराया बंद, तीन में गड़बड़ियां मिलने पर नोटिस

जमशेदपुर के पोटका में अवैध रूप से चल रहे क्लीनिकों पर सिविल सर्जन ने छापेमारी की। एक क्लीनिक बंद, तीन को नोटिस जारी। जानें पूरी खबर।

वरीय संवाददाता, जमशेदपुर स्वास्थ्य विभाग ने पोटका प्रखंड में अवैध रूप से संचालित अस्पतालों और क्लीनिकों के खिलाफ शनिवार को विशेष अभियान चलाया. सिविल सर्जन डॉ साहिर पाल ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, पोटका के निरीक्षण के बाद विभिन्न निजी अस्पतालों और क्लीनिकों का औचक निरीक्षण किया. इस दौरान बिना लाइसेंस अवैध रूप से संचालित निदान क्लीनिक को बंद करा दिया गया. वहीं, मानव बंधु क्लीनिक, मनसा भक्त क्लीनिक और राजाबाला क्लीनिक (शंकरदा) में कई गड़बडी मिलने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया.

निरीक्षण में पाया गया कि संबंधित क्लीनिक क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत पंजीकृत नहीं हैं. यहां मरीजों की समुचित जांच भी नहीं की जा रही थी. अस्पताल संचालकों से डॉक्टरों के मेडिकल प्रमाणपत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेज मांगे गये, लेकिन वे मौके पर प्रस्तुत नहीं कर सके. सिविल सर्जन ने सभी संबंधित संस्थानों को एक सप्ताह के भीतर स्पष्टीकरण के साथ सभी आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है. वहीं, निरीक्षण के दौरान मानव बंधु क्लीनिक में एक एक्स-रे मशीन मिली, जिसके लिए आवश्यक लाइसेंस उपलब्ध नहीं था. इसे गंभीर अनियमितता मानते हुए स्वास्थ्य विभाग ने संबंधित क्लीनिक से स्पष्टीकरण मांगा है. विभाग ने स्पष्ट किया कि बिना वैध अनुमति चिकित्सा उपकरणों का संचालन नियमों का उल्लंघन है. संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जायेगी. वहीं, सिविल सर्जन ने कहा कि जिले में बिना क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के पंजीकरण के संचालित अस्पतालों और क्लीनिकों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा. नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जायेगी. निरीक्षण के दौरान प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ सुकांतो शीट, डॉ सत्यनारायण भगत, कार्यक्रम प्रबंधक मनोज कुमार शर्मा सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी मौजूद थे.

मलेरिया नियंत्रण अभियान की भी हुई समीक्षासिविल सर्जन डा साहिर पाल ने शनिवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, पोटका में मलेरिया की स्थिति की समीक्षा करते हुए स्वास्थ्य अधिकारियों और कर्मियों को प्रभावित क्षेत्रों में घर-घर जाकर शत-प्रतिशत आरडीके (रैपिड डायग्नोस्टिक किट) जांच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. उन्होंने प्रतिदिन कम से कम पांच हजार लोगों की जांच का लक्ष्य निर्धारित किया. उन्होंने कर्मचारियों को निर्देश दिया कि जहां भी मलेरिया का कोई मरीज मिले, वहां तीन दिनों के अंदर पूरे गांव या प्रभावित क्षेत्र की स्क्रीनिंग पूरी की जाये. सभी पॉजिटिव मामलों की सूचना समय पर आइएचआइपी पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा. साथ ही जांच अभियान के दौरान जियो-टैग फोटो लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और जिला मुख्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिये गये.


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Chandra Shekhar

चंद्रशेखर प्रभात खबर जमशेदपुर में वरीय संवाददाता के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव है. 15 सालों से प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. स्वास्थ्य सहित अन्य बीटों में अच्छी पकड़ है.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >