2013 बैच के इंजीनियरों के रहते 2016 बैच के जेइ को एइ में प्रोन्नति देने की तैयारी, सीनियरों ने जतायी आपत्ति

2013 बैंच के इंजीनियरों के रहते 2016 बैंच के जेई को एई को प्रोन्नोति देने की जतायी आपत्ति

सीनियर इंजीनियरों ने जतायी आपत्ति, जूनियर को प्रोन्नति पर रोक की मांग

मुख्य संवाददाता, जमशेदपुर

झारखंड में 2013 बैच के जूनियर इंजीनियरों (जेइ) ने 2016 बैच के इंजीनियरों को असिस्टेंट इंजीनियर (एइ) पद पर प्रोन्नति देने की प्रक्रिया पर आपत्ति जतायी है. सीनियर इंजीनियरों का कहना है कि यह नियमों और वरीयता के सिद्धांत के खिलाफ है. इस संबंध में राज्यभर के दर्जनों इंजीनियरों ने झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) अध्यक्ष को पत्र भेजकर आपत्ति दर्ज करायी है और प्रोन्नति सूची को तत्काल स्थगित करने की मांग की है.

ज्ञापन में कहा गया है कि प्रोन्नति नियमों के अनुसार 28% कोटा वरीयता के आधार पर और 10% कोटा एएमआइइ या समकक्ष योग्यता वाले इंजीनियरों के लिए निर्धारित है. ऐसे में 2016 बैच के इंजीनियरों को प्रोन्नति देना 2013 बैच के इंजीनियरों के साथ अन्याय होगा और उनके मान-सम्मान को ठेस पहुंचेगी.

बता दें कि इस विषय में झारखंड हाइकोर्ट में डब्ल्यूपीसी 3055/2024 मामला भी लंबित है. इसलिए कोर्ट के निर्णय आने तक प्रोन्नति प्रक्रिया स्थगित रखने की मांग की गयी है. आपत्ति जताने वालों में सुवर्णरेखा बहुद्देश्यीय परियोजना में पदस्थापित इंजीनियर सुधीर कुमार भगत, घाटशिला में पदस्थापित प्रकाश कुमार कच्छप, सुवर्णरेखा बहुद्देश्यीय परियोजना लघु वितरणी 8 नंबर में पदस्थापित अनिल कुमार समेत दर्जनों इंजीनियर शामिल हैं.

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By KUMAR ANAND

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