Jamshedpur News : दपू रेलवे में अब मेमू ट्रेनों में लोको पायलट के साथ सहायक भी होंगे
Jamshedpur News : यात्री सुरक्षा और सुरक्षित रेल परिचालन को लेकर दक्षिण-पूर्व रेलवे ने ऐतिहासिक निर्णय लिया है. अब जोन की सभी मेमू ट्रेनों में लोको पायलट के साथ सहायक लोको पायलट की नियुक्ति अनिवार्य है.
By RAJESH SINGH | Updated at :
जमशेदपुर (फाइल फोटो)
रेलवे का बड़ा फैसला : साप्ताहिक बैठक में उच्चस्तरीय कमेटी ने मुहर लगायी, दूरी की बंदिशें खत्म
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यात्री सुरक्षा और सुरक्षित रेल परिचालन को लेकर दक्षिण-पूर्व रेलवे ने ऐतिहासिक निर्णय लिया है. अब जोन की सभी मेमू ट्रेनों में लोको पायलट के साथ सहायक लोको पायलट की नियुक्ति अनिवार्य है. रेलवे मुख्यालय की साप्ताहिक बैठक में उच्चस्तरीय कमेटी ने इस प्रस्ताव पर अंतिम मुहर लगा दी है. इससे पहले रेलवे के नियमों के अनुसार, कम दूरी तय करने वाली मेमू ट्रेनों का परिचालन केवल एक लोको पायलट के भरोसे होता था. केवल 200 किलोमीटर या उससे अधिक की दूरी वाली ट्रेनों में दो पायलटों (लोको पायलट व सहायक) को ड्यूटी पर भेजा जाता था. ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन (अलारसा) इस नियम को असुरक्षित बताते हुए लंबे समय से इसका विरोध कर रहा था. संगठन की मांग थी कि दूरी चाहे कितनी भी हो, सुरक्षा के लिए दो क्रू मेंबर्स का होना अनिवार्य है. एकल पायलट नियम के विरोध में अलारसा के आंदोलन के बीच 4 नवंबर, 2025 को दक्षिण-पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल में एक गंभीर रेल दुर्घटना हुई थी. वहां एक मेमू ट्रेन खड़ी मालगाड़ी के पीछे से टकरा गयी थी. हालांकि उस ट्रेन में दोनों पायलट मौजूद थे. रेलवे के निर्णय से लोको पायलटों पर काम का मानसिक दबाव कम होगा. तकनीकी निगरानी बेहतर होगी. अलारसा ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे रेल सुरक्षा की जीत बतायी.