27 अप्रैल से शुरू हुआ है अवैध मकानों को वैध करने का महाभियान
Jamshedpur News :
जमशेदपुर, मानगो नगर निगम, जुगसलाई नगर परिषद सहित पूरे राज्य में अनाधिकृत (अवैध) आवासीय और व्यावसायिक भवनों को वैध करने के लिए लागू की गयी ”भवन नियमितीकरण नियमावली 2026” शहर में पूरी तरह फ्लॉप साबित हो रही है. 27 अप्रैल से इसकी शुरुआत हो गयी है, लेकिन शहरी क्षेत्र के तीनों नगर निकायों में अब तक एक भी मकान मालिक ने आवेदन नहीं किया है. सरकार ने अधिसूचना जारी होने की तिथि से 60 दिनों का समय दिया है. जिसमें से अब महज एक माह बचे हैं. इससे पूर्व में भी दो बार योजना लागू की गयी थी, लेकिन तीनों नगर निकायों में आवेदनों का खाता तक नहीं खुला है. जमशेदपुर जैसे शहरों में जी प्लस की योजना लागू होने से ही लाभ मिलेगा. शून्य प्रगति से नगर निकाय के अधिकारी भी चिंतित हैं. नगर निकायों का कहना है कि मकान मालिक किसी भी अफवाह या डर में न आयें. यदि प्रक्रिया को लेकर कोई उलझन है, तो वे सीधे निकाय कार्यालय की ”नगर निवेशन शाखा” (टाउन प्लानिंग सेक्शन) में आकर अधिकारियों से मिल सकते हैं.नियमों की पेचीदगी के कारण दूरी बना रहे भवन मालिक
तीनों नगर निकाय क्षेत्र में लाखों की आबादी और हजारों अवैध या बिना नक्शे वाले मकान होने के बावजूद भवन मालिक आवेदन नहीं कर रहे हैं. इसके पीछे का कारण नियमों की पेचीदगी को बताया जा रहा है. 1. नियमावली के तहत केवल 300 वर्गमीटर तक के भूखंड और अधिकतम जी प्लस टू भवनों को ही नियमित करने का प्रावधान है. जबकि जमशेदपुर, मानगो और जुगसलाई में अधिकांश अनाधिकृत इमारतें जी प्लस थ्री या उससे ऊंची बनी हैं, जो इस दायरे से बाहर हो जा रही हैं. 2. आवेदन के लिए ऑनलाइन बीपीएएमएस पोर्टल पर पंजीकृत तकनीकी व्यक्ति (एलटीपी/आर्किटेक्ट) के माध्यम से ही वास्तविक बनावट का नक्शा अपलोड करना है. आम लोगों के लिए प्रक्रिया जटिल और खर्चीली साबित हो रही है.3. भवन मालिकों के मन में आशंका है कि आवेदन करने के बाद उन पर भारी-भरकम जुर्माना लगाया जा सकता है.
