Jamshedpur News :
भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा चार अक्टूबर से शुरू किये गये नये चेक क्लियरेंस सिस्टम ने शहर के व्यापारियों और ग्राहकों के लिए मुसीबत खड़ी कर दी है. इस तकनीकी बदलाव के कारण अब तक किसी भी बैंक शाखा में चेक क्लियरिंग नहीं हो पा रही है. अनुमानित तौर पर लगभग 100 करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित हुआ है. व्यापारी अब नेफ्ट और आरटीजीएस के माध्यम से भुगतान कर रहे हैं, लेकिन ग्राहकों को रकम समय पर नहीं मिलने से परेशानी हो रही है. वहीं बैंक कर्मचारी भी उच्च स्तर से स्पष्ट निर्देश न मिलने के कारण ग्राहकों को संतोषजनक जवाब नहीं दे पा रहे हैं. बैंकों में दो दिन का अवकाश होने के बावजूद सोमवार से सुधार की उम्मीद थी, लेकिन यह पूरी तरह लागू नहीं हो सकी. इक्के-दुक्के शाखाओं को छोड़कर अधिकांश बैंकों में चेक क्लियरेंस रुकी हुई है. इसमें स्टेट बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया जैसी प्रमुख शाखाएं शामिल हैं. इसके साथ ही पंजाब एंड सिंध बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, केनरा बैंक, ग्रामीण बैंक और कई निजी बैंक भी इस समस्या से जूझ रहे हैं.चेक क्लियरेंस में दिक्कतों के कारण
बैंक कर्मचारियों को नये सिस्टम का अपर्याप्त प्रशिक्षण
चेक की धुंधली या अधूरी तस्वीरें
स्कैनिंग के अलग-अलग तरीके और तकनीकी गड़बड़ियां
इन कारणों से चेक का सेटलमेंट नहीं हो पा रहा है और ग्राहक पिछले चार दिनों से अपने भुगतान का इंतजार कर रहे हैं.चेक क्लियरेंस नहीं होने से बढ़ी परेशानी : कैट
कैट के राष्ट्रीय सचिव ने बताया कि व्यापारियों के लिए यह नया सिस्टम फिलहाल परेशानी का सबब बन गया है. पहले भी एक दिन में चेक क्लियरेंस होते थे, लेकिन नये सिस्टम से काफी चेक अटक गये हैं. इसको लेकर हम लोग बैंकों के अधिकारियों के संपर्क में हैं.व्यापारियों की मुश्किलों का हल निकालेंगे : चेंबर
सिंहभूम चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष मानव केडिया ने कहा कि व्यापारियों की मुश्किलों को हल करने के लिए बैंक अधिकारियों के साथ बातचीत की जा रही है. उन्होंने उम्मीद जतायी है कि एक-दो दिनों में स्थिति सामान्य हो जायेगी.अब स्थितियां ठीक हो रही है, चेक क्लियरेंस होने लगा है : एजीएम
स्टेट बैंक, बिष्टुपुर मुख्य शाखा के एजीएम शिवेंद्र कुमार ने बताया कि तकनीकी दिक्कतें अब धीरे-धीरे ठीक हो रही हैं और चेक क्लियरेंस की प्रक्रिया अब पुनः शुरू हो गयी है. शुरुआती दौर में तकनीकी दिक्कतें थी, लेकिन अब ठीक हो रहा है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
