हल्दीपोखर : नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ और प्राकृतिक आपदा के बाद कैलाश-मानसरोवर यात्रा पर निकले पश्चिम बंगाल के 32 सदस्यीय दल से संपर्क टूट गया है. लापता यात्रियों में पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका प्रखंड अंतर्गत हल्दीपोखर निवासी बुजुर्ग दंपती मानस कुमार घोष (62) और उनकी पत्नी दीपाली सरकार भी शामिल हैं. इस घटना की जानकारी मिलने के बाद हल्दीपोखर स्थित उनके परिजन गहरे सदमे और चिंता में हैं.
कैलाश-मानसरोवर यात्रा पर निकले थे दंपती
जानकारी के अनुसार, मानस कुमार घोष और उनकी पत्नी दीपाली सरकार कोलकाता से 32 सदस्यीय दल के साथ कैलाश-मानसरोवर यात्रा पर निकले थे. यह यात्रा कोलकाता की ‘छोलो जाई ट्रैवल्स’ तथा नेपाल की ‘सम्राट टूर एंड ट्रैवल्स’ के माध्यम से आयोजित की गयी थी. दल में पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों के यात्रियों के अलावा पूर्व केंद्रीय मंत्री मुकुल राय की पुत्रवधू समेत अन्य लोग भी शामिल थे.
इमिग्रेशन कार्यालय के पास आखिरी बार दिखे
परिजनों के अनुसार, बाढ़ आने से ठीक पहले बुधवार की सुबह करीब 7.45 बजे मानस कुमार घोष और उनकी पत्नी दीपाली सरकार को नेपाल-तिब्बत सीमा पर स्थित इमिग्रेशन कार्यालय के आसपास आखिरी बार देखा गया था. इसके बाद दोनों से परिवार का संपर्क पूरी तरह टूट गया. मोबाइल फोन पर संपर्क नहीं हो पाने के कारण परिजनों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है.
परिजन शिक्षक अरुण सरकार ने जतायी चिंता
घोष दंपती के लापता होने की सूचना के बाद उनके परिजन, शिक्षक अरुण सरकार समेत परिवार के अन्य सदस्य गहरे सदमे में हैं. परिजन लगातार दोनों की सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए हुए हैं. संबंधित एजेंसियों से जल्द खोजबीन तेज करने की अपील कर रहे हैं. परिजनों ने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि मानस कुमार घोष अथवा दीपाली सरकार के संबंध में किसी प्रकार की जानकारी मिलती है, तो तत्काल निम्न मोबाइल नंबरों पर सूचना दें— +91 9051348866, +91 8486841390, +91 6295978168, +91 8861158886. परिजनों ने उम्मीद जतायी है कि राहत एवं बचाव दल के प्रयासों से जल्द ही दोनों के बारे में कोई सकारात्मक सूचना मिल सकती है.
