जमशेदपुर : एमजीएम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल एक बार फिर आंतरिक प्रशासनिक विवादों के चलते चर्चा में है. कॉलेज के फिजियोलॉजी विभाग के कर्मचारी सह झारखंड राज्य चिकित्सा जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ, विशेष शाखा, एमजीएम मेडिकल कॉलेज जमशेदपुर के अध्यक्ष विश्वनाथ मल्लिक ने कॉलेज प्रबंधन, अधीनस्थ कार्यरत संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए उच्चाधिकारियों से लिखित शिकायत की है.
निष्पक्ष जांच के लिए टीम का गठन
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कॉलेज के प्राचार्य ने त्वरित संज्ञान लिया और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए एक टीम का गठन कर दिया है. टीम में शामिल डॉ उमा शंकर सिंह, डॉ बुधन बैठा, डॉ लुगुराम टुडू, राजेंद्र गोस्वामी, प्रशांत कुमार, बुधवा लकड़ा को सात दिनों के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट सौंपने का कड़ा निर्देश दिया गया है. शिकायत में प्रधान लिपिक समेत अन्य कर्मचारियों पर चोरी, फाइल वितरण में अनियमितता, मूल पदस्थापन में गड़बड़ी, कॉलेज परिसर में पेयजल की समस्या, अनधिकृत आवासों के आवंटन एवं कब्जे, निजी आवासों से निकलने वाले गंदे पानी, बाहरी एवं आउटसोर्स कर्मियों से संबंधित कार्य, पदाधिकारियों के संरक्षण और पद के दुरुपयोग समेत कई गंभीर आरोप लगाये गये हैं.
कमेटी की बैठक आज
इस मामले को लेकर जांच समिति के द्वारा गुरुवार को एमजीएम मेडिकल कॉलेज में एक बैठक रखी गयी है. जिसमें शिकायतकर्ता व अन्य कर्मचारियों से पूछताछ की जायेगी. इसके साथ ही अन्य मामले की जांच की जायेगी. ताकि इसकी रिपोर्ट तैयार कर प्राचार्य को सौंपी जा सके.
