जमशेदपुर : करनडीह गैंताडीह में नालियों के दूषित पानी और जलजमाव का विवाद अब एक बार फिर तूल पकड़ता नजर आ रहा है. समस्या के स्थायी समाधान को लेकर लगातार गुहार लगाने के बावजूद धरातल पर कोई ठोस पहल नहीं होने से ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है. सोमवार को पंचायत भवन में आयोजित ग्रामसभा की बैठक में लोगों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की कथित उदासीनता पर नाराजगी जताते हुए साफ कर दिया कि अब आश्वासन से काम नहीं चलेगा, बल्कि जमीन पर कार्रवाई चाहिए.
वैकल्पिक नालियों के निर्माण पर हुई चर्चा
पंचायत भवन में मुखिया सरस्वती टुडू की अध्यक्षता में हुई बैठक में फ्लैटों से निकलने वाले गंदे पानी की निकासी और वैकल्पिक नालियों के निर्माण पर विस्तार से चर्चा हुई. ग्रामीणों ने कहा - ग्रामसभा लंबे समय से इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए प्रयासरत है, लेकिन जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की ओर से अब तक कोई ठोस और प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है.
सांसद के आश्वासन के बाद भी नहीं दिखी प्रगति
बैठक में ग्रामीणों ने कहा कि कुछ दिन पूर्व जमशेदपुर के सांसद विद्युतवरण महतो ने समस्या के स्थायी समाधान के लिए आवश्यक पहल करने का आश्वासन दिया था. इसके बावजूद अभी तक धरातल पर कोई उल्लेखनीय प्रगति दिखाई नहीं दे रही है. इससे ग्रामसभा और स्थानीय लोगों में निराशा के साथ-साथ नाराजगी भी बढ़ रही है.
सांसद से मिलेगा ग्रामीणों का प्रतिनिधिमंडल
ग्रामीणों ने निर्णय लिया कि मंगलवार को करनडीह ग्रामसभा और स्थानीय निवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल सांसद से मुलाकात करेगा. प्रतिनिधिमंडल अब तक हुई कार्रवाई और समस्या के समाधान की दिशा में उठाए गए कदमों की जानकारी लेगा. ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि सांसद से मुलाकात के बाद भी संतोषजनक पहल सामने नहीं आती है, तो ग्रामसभा अपने पूर्व रुख पर कायम रहेगी. करनडीह मेन रोड को अनिश्चितकाल के लिए जाम करने का निर्णय लिया जा सकता हैय
दुर्गापूजा कमेटी बोली - नाली खोलें, तैयारियों में हो रही परेशानी
इधर, आगामी दुर्गापूजा को देखते हुए करनडीह दुर्गापूजा कमेटी ने ग्रामसभा से बंद नालियों को तत्काल खोलने की मांग की है. समिति के अनुसार, पूजा पंडाल निर्माण स्थल के आसपास गंदे पानी का भारी जलजमाव हो गया है. इससे पूजा की तैयारियों में परेशानी हो रही है और श्रद्धालुओं व राहगीरों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है. हालांकि, ग्रामसभा की ओर से फिलहाल नाली खोलने को लेकर कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया गया है. ग्रामसभा का कहना है कि समस्या का स्थायी समाधान किए बिना महज नाली खोलना पर्याप्त नहीं होगा.
मुखिया ने कहा - सभी पक्षों की संयुक्त बैठक से निकले समाधान
मुखिया सरस्वती टुडू ने कहा - जिला प्रशासन को जनहित में इस संवेदनशील समस्या का अविलंब समाधान करना चाहिए. उन्होंने कहा - सभी संबंधित पक्षों को एक साथ बैठाकर संयुक्त बैठक आयोजित की जानी चाहिए, ताकि विवाद का सर्वमान्य और स्थायी रास्ता निकाला जा सके. उन्होंने कहा कि प्रशासन के ढुलमुल रवैये के कारण रैयती परिवारों, स्थानीय बस्तीवासियों और राहगीरों को लगातार परेशानी झेलनी पड़ रही है. लंबे समय से बनी समस्या अब लोगों के लिए गंभीर संकट का रूप ले चुकी है.
बैठक में ये थे मौजूद
बैठक में मंटू गोप, सिगराई, शंकर हेंब्रम, रघुनाथ हांसदा, मधु सोरेन, मझिया मुर्मू, पप्पू रजक, रामदास महतो, भरत नंदी, प्रवीर कुमार दे, एसएस मुखर्जी, लेचा माझी, रंजीत राय और पीएन गांगुली समेत कई ग्रामीण एवं स्थानीय लोग मौजूद रहे.
