जुवान ओनोलिया ने पीएम को लिखा पत्र, संगठन के नाम पर द्वीप का नाम रखने की मांग

जुवान ओनोलिया संगठन ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर अंडमान-निकोबार के एक द्वीप का नाम अपने संगठन या संताली महापुरुषों के नाम पर रखने की मांग की है।

जमशेदपुर.

संताली भाषा और साहित्य के विकास में समर्पित प्रगतिशील साहित्यिक संगठन- जुवान ओनोलिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र भेजकर अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के किसी एक द्वीप का नाम संगठन के नाम पर रखने की मांग की है. संगठन की सचिव सुमित्रा मुर्मू द्वारा 15 जुलाई को भेजे गये इस पत्र में कहा गया है कि वर्ष 2016 में स्थापित इस युवा संगठन ने भाषा, साहित्य और संस्कृति के संरक्षण के लिए कई उल्लेखनीय कार्य किये हैं.

संगठन अब तक तीन अंतरराष्ट्रीय संताली साहित्य उत्सवों और साहित्य अकादमी से जुड़े सर्वाधिक सम्मेलनों का सफल आयोजन कर चुका है. पत्र में कहा गया है कि द्वीप का नाम -जुवान ओनोलिया रखने से संताली भाषा के युवा साहित्यकारों को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी प्रेरणा मिलेगी. संगठन ने विकल्प के तौर पर दो अन्य द्वीपों का नाम संताली भाषा की लिपि ओलचिकी के अविष्कारक पंडित रघुनाथ मुर्मू व सिदो-कान्हू मुर्मू के नाम पर रखने का भी अनुरोध किया है.


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लेखक के बारे में

दशमत सोरेन ने रांची विश्वविद्यालय से अंग्रेजी साहित्य में स्नातकोत्तर किया है. वे 29 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उनकी विशेषज्ञता मुख्य रूप से झारखंड की आदिवासी-मूलवासी राजनीति, स्थानीय समुदायों की भाषा-संस्कृति और यहां के सामाजिक ताना-बाना है. वे वर्ष 2010 से प्रभात खबर के साथ एक ट्राइबल रिपोर्टर के रूप में काम कर रहे हैं.

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