जमशेदपुर: एमजीएम अस्पताल समेत जिले के सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में कार्यरत कर्मचारियों के लिए अब दिन में दो बार बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य होगा. स्वास्थ्य विभाग के अभियान निदेशक ने निर्देश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि कर्मचारियों का वेतन और मानदेय अब बायोमेट्रिक उपस्थिति के आधार पर ही तैयार किया जायेगा. यह व्यवस्था सितंबर 2026 से प्रभावी रूप से लागू करने का निर्देश दिया गया है.
अस्पताल पहुंचते और निकलते समय लगानी होगी हाजिरी
स्वास्थ्य विभाग की ओर से सिविल सर्जन, अस्पताल अधीक्षक और प्राचार्य को भेजे गये पत्र में कहा गया है कि कर्मचारियों को अस्पताल या स्वास्थ्य संस्थान पहुंचने के समय और ड्यूटी खत्म कर निकलते समय बायोमेट्रिक मशीन में हाजिरी दर्ज करनी होगी. बायोमेट्रिक सिस्टम में दर्ज उपस्थिति की ऑनलाइन निगरानी की जायेगी.
ऑनलाइन उपस्थिति के आधार पर बनेगी अटेंडेंस शीट
पोर्टल पर दर्ज उपस्थिति और स्वीकृत अवकाश के आधार पर ही कर्मचारियों की मासिक अटेंडेंस शीट तैयार होगी. वेतन की गणना में सिर्फ पोर्टल पर स्वीकृत अवकाश को ही मान्यता दी जायेगी. ऑफलाइन या किसी अन्य माध्यम से ली गयी छुट्टी को मान्य नहीं माना जायेगा.
सात दिनों में पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन जरूरी
स्वास्थ्य विभाग ने सभी सिविल सर्जनों को बायोमेट्रिक मशीनों को दुरुस्त रखने और पूरी व्यवस्था लागू कराने की जिम्मेदारी दी है. इसके साथ ही सभी स्वास्थ्य कर्मियों को सात दिनों के भीतर एसीवीएमएस पोर्टल पर अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराने का निर्देश दिया गया है.
