टाटा स्टील ने जमशेदपुर फुटबॉल क्लब (जेएफसी) को बंद करने की आधिकारिक घोषणा कर दी है. कंपनी के वाइस प्रेसिडेंट (कॉरपोरेट सर्विसेज) और जेएफसी के चेयरमैन डीबी सुंदर रामम ने शनिवार को प्रभात खबर से बातचीत में इसकी पुष्टि की. उन्होंने कहा कि जेएफसी को बंद करने का फैसला मजबूरी में लिया गया है.
बिष्टुपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के बाद बातचीत में डीबी सुंदर रामम ने कहा कि टाटा स्टील की प्राथमिकता अब जमीनी स्तर (ग्रासरूट) पर फुटबॉल खिलाड़ियों को तैयार करने की है. जेएफसी के संचालन के कारण इस दिशा में उतना ध्यान नहीं दिया जा पा रहा था, इसलिए कंपनी ने ग्रासरूट फुटबॉल डेवलपमेंट पर ज्यादा फोकस करने का निर्णय लिया है.
उन्होंने बताया कि टाटा स्टील पहले से ही हॉकी समेत कई खेल अकादमियों का संचालन कर रही है. इन खेल गतिविधियों को और प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाने और युवा खिलाड़ियों को तैयार करने के उद्देश्य से यह फैसला लिया गया है.
दूसरे राज्य में क्लब चलाने की बात से इनकार
डीबी सुंदर रामम ने इस बात से साफ इनकार किया कि जेएफसी को बंद करने के बाद टाटा स्टील ओडिशा या किसी अन्य राज्य में कोई फुटबॉल क्लब संचालित करेगी. उन्होंने कहा, "जब हमें जमशेदपुर में ही क्लब बंद करना पड़ा है, तो दूसरे स्थान पर क्लब चलाने का सवाल ही नहीं उठता. जमशेदपुर हमारी कर्मभूमि रही है."
टाटा लीज नवीकरण पर जल्द होगा फैसला
टाटा लीज नवीकरण को लेकर पूछे गए सवाल पर डीबी सुंदर रामम ने कहा कि इस मुद्दे पर आयुक्त स्तर पर बातचीत हुई है. सरकार और प्रशासन का रुख सकारात्मक है. उन्होंने कहा कि जो जमीन पहले थी, उसी को बरकरार रखा जा रहा है, इसमें कोई बदलाव नहीं है.
उन्होंने बताया कि जमीन के नेचर को लेकर फैसला सरकार और प्रशासन के स्तर पर होगा. समझौते की समयसीमा के सवाल पर उन्होंने कहा कि इसकी कोई तय डेडलाइन नहीं है, लेकिन सरकार सकारात्मक तरीके से आगे बढ़ रही है.
