Jamshedpur News: Running of racks fills the pockets of officers: Saryu Rai यात्री ट्रेनों की लेटलतीफी के खिलाफ इसी महीने 7 अप्रैल को आयोजित धरना-प्रदर्शन की जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने रविवार को समीक्षा बैठक की.
Jamshedpur News : यात्री ट्रेनों की लेटलतीफी के खिलाफ इसी महीने 7 अप्रैल को आयोजित धरना-प्रदर्शन की जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने रविवार को समीक्षा बैठक की.
ट्रेनों के समय पर नहीं चलने को लेकर विधायक सरयू राय ने की अहम मीटिंग
रेल यात्री संघर्ष समिति के नाम पर अब होगा आंदोलन, शिवशंकर सिंह बने संयोजक
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यात्री ट्रेनों की लेटलतीफी के खिलाफ इसी महीने 7 अप्रैल को आयोजित धरना-प्रदर्शन की जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने रविवार को समीक्षा बैठक की. बैठक में ‘रेल यात्री संघर्ष समिति’ बनायी गई. सामाजिक कार्यकर्ता शिवशंकर सिंह को समिति का संयोजक बनाया गया. अब इसी समिति के बैनर तले ही आगे के आंदोलन किये जायेंगे. बिष्टुपुर स्थित मिलानी हॉल में आयोजित बैठक में विधायक सरयू राय ने कहा, लोगों से पता चला है कि रैक (मालगाड़ी) को रेलवे ने प्राइवेट पार्टियों को बेच दिया है. जो रैक जितनी बार चलता है, उतनी बार अफसरों की जेब गर्म होती है. हमलोगों की तो सिर्फ एक मांग है कि टाटानगर से यात्री ट्रेनें समय पर चलें और समय पर पहुंचें. हमने सुझाव दिया था कि अगर 40-45 मिनट तक मालगाड़ियों को रोक कर यात्री ट्रेनों को निकाल दिया जाये तो ट्रेनों की लेटलतीफी काफी हद तक कम हो जायेगी.इस मौके पर मंच पर शंभू सिंह, बाबर खान, आफताब अहमद सिद्दिकी, मुकेश मित्तल, कविता परमार, अशोक गोयल और अजय गुप्ता थे. मंच संचालन जनता दल (यूनाइटेड) के पूर्वी सिंहभूम जिलाध्यक्ष सुबोध श्रीवास्तव ने किया. इस मौके पर विधायक जनसुविधा प्रतिनिधि मुकुल मिश्रा, जदयू के महानगर अध्यक्ष अजय कुमार, युवा मोर्चा के अध्यक्ष नीरज सिंह, महिला मोर्चा की अध्यक्ष अमृता मिश्रा, अमित शर्मा, पप्पू सिंह, वीरू, मुकेश सिंह, सुमित सिंह, नीरज कुमार, कुंदन सिंह, दिनेश सिंह समेत दर्जनों लोग मौजूद थे.
रेलवे को पांच मिनट मैनेज करना है, पर मान नहीं रहा
राय ने कहा कि 6 अप्रैल की रात 11 बजे के बाद तक रेलवे के वरिष्ठ अफसर यही चाहते थे कि धरना-प्रदर्शन स्थगित कर दिया जाये, क्योंकि इससे सरकार की बदनामी होगी. सरयू राय ने कहा कि टाटानगर पर कोई भी ट्रेन औसतन पांच मिनट ही रुकती है. रेलवे को इसी पांच मिनट को मैनेज करना है. फिर समस्या खत्म हो जायेगी, लेकिन वह मान ही नहीं रहा कि मालगाड़ी के कारण सवारी ट्रेनें विलंब से चल रही हैं.
रेलवे का खेल देखिये, कांड्रा के बाद ऐप से ट्रेन ही गायब
विधायक राय ने कहा कि रेलवे का खेल चालू है. एनटीइएस ऐप (रेलवे को क्रिस ने डेवलप करके दिया) का आज का कमाल देखिये. साउथ बिहार एक्सप्रेस के कांड्रा पहुंचने को ऐप विलंब से दिखा रहा है, लेकिन कांड्रा के बाद वह ट्रेन टाटानगर कब पहुंची, कितने विलंब से पहुंची, उसका कोई रिकार्ड ही नहीं है. उस ऐप से ट्रेन ही गायब हो गई, लेकिन प्राइवेट ऐप तो हैं ही. उसमें दिख गया कि ट्रेन कितनी देर से चली है.
एजीएम के बयान पर सवाल
राय ने कहा कि रविवार को मीडिया में यह बात आयी कि रेलवे के एजीएम ने कहा है कि पहले 27,000 मालगाड़ियां चलती थीं, अब 23,000 कर दिया गया. 4,000 मालगाड़ियां कम कर दी गईं, ताकि सवारी ट्रेनें समय पर पहुंचें, लेकिन इसका कोई असर नहीं दिख रहा. एजीएम ने ये बयान कैसे दिया गया, इसे भी समझना है. इस रेलखंड में 27,000 मालगाड़ियां चलती हैं या 27,000 माल बोगियां, इसे समझना होगा. मालगाड़ियों की संख्या बढ़े या घटे, उससे अहम है कि यात्री ट्रेनें समय पर पहुंचें.
आंदोलन अंजाम तक पहुंचेगा : शिवशंकर सिंह
‘रेल यात्री संघर्ष समिति’ के संयोजक शिवशंकर सिंह ने कहा कि विधायक सरयू राय कोई भी आंदोलन शुरू करते हैं तो उसे अंजाम तक जरूर पहुंचाते हैं. इसके लिए सभी लोग निश्चिंत रहें, इस बार भी ऐसा ही होगा. उन्होंने कहा कि ट्रेनों की लेटलतीफी का मुद्दा राजनीतिक नहीं है. यह आम जन से जुड़ा है. इसमें सभी राजनीतिक दलों को दिल बड़ा करके आना चाहिए. यह एक कॉमन प्लेटफार्म है, इसमें हर किसी का स्वागत है.