मोहरदा जलापूर्ति योजना फेज-3 : प्रशासनिक स्वीकृति के लिए जेएनएसी ने भेजा प्रस्ताव
बिरसानगर, बागुनहातु और बारीडीह क्षेत्र के 15 हजार से अधिक परिवारों को मिलेगा पानी
jamshedpur news :
बिरसानगर, बागुनहातु और बारीडीह क्षेत्र में पेयजल की समस्या को खत्म करने के लिए मोहरदा जलापूर्ति योजना के तीसरे चरण की तैयारी तेज हो गयी है. 67.36 करोड़ रुपये की इस योजना को तकनीकी स्वीकृति मिलने के बाद अब जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (जेएनएसी) ने प्रशासनिक स्वीकृति के लिए नगर विकास विभाग को पत्र भेजा है. हरी झंडी मिलते ही क्षेत्र के 15 हजार से अधिक परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा. फेज-3 के तहत पूरी योजना को हाइटेक बनाने की तैयारी है. वर्तमान में नदी किनारे 26 एमएलडी के लगे इंटेक वेल में जलकुंभी और प्लास्टिक कचरा फंसने से पानी की सप्लाई बाधित हो जाती है. फेज-3 में नया 50 एमएलडी का इंटेक वेल नदी के बीचोबीच बनाया जायेगा, ताकि कचरे फंसने की समस्या स्थायी रूप से समाप्त हो सकेगा. वर्तमान में मोहरदा जलापूर्ति योजना से 12,690 घरों में कनेक्शन हैं. फेज-3 के पूरा होने और 50 एमएलडी अतिरिक्त क्षमता विस्तार के बाद उपभोक्ताओं की संख्या में भारी इजाफा होगा. विशेष रूप से बिरसानगर के गिट्टी मैदान, फुटबॉल ग्राउंड, आशु कॉलोनी और बागुनहातु रोड नंबर 5 व 6 के निवासियों को गर्मी के दिनों में होने वाली पानी की किल्लत से निजात मिलेगी.पीपीपी मोड में हो रहा काम
मोहरदा जलापूर्ति योजना के निर्माण, संचालन और रख-रखाव का काम पीपीपी मोड में किया जा रहा है. इसमें 60% राशि जुस्को (अब टाटा स्टील यूआइएसएल ) तथा 40 प्रतिशत राशि राज्य सरकार वहन करेगी.मैन्युअल की जगह होगा डिजिटल सिस्टम से काम
अब तक मैन्युअल तरीके से होने वाले कार्यों की जगह डिजिटल सिस्टम लेगा. इससे पानी की शुद्धता और दबाव की निगरानी सटीक होगी. नये इंटेकवेल तक पहुंचने के लिए एक आधुनिक एप्रोचिंग ब्रिज का भी निर्माण होगा.
