जमशेदपुर: मां और बच्ची का ब्लड ग्रुप एक होने की वजह से हो सका ऑपरेशन, अस्पताल से मिली छुट्टी

डॉ. ललित मिंज ने बताया कि मां और बच्चे का ब्लड ग्रुप अगर एक नहीं होता तो अगर दोनों को ब्लड ग्रुप नहीं मिलेगा तो बच्ची का ऑपरेशन नहीं हो पाता. उन्होंने बताया कि ऑपरेशन के दौरान बच्ची के मां की जांघ का मांस काटकर बच्ची के धंसे सिर में लगाया गया.

Jamshedpur News: एनेसेफेलिक ग्रसित सरायकेला-खरसावां जिले के तनकोचा गांव निवासी अर्जुन सबर की पुत्री का एक माह पूर्व एमजीएम अस्पताल में ऑपरेशन किया गया था. अस्पताल के प्लास्टिक सर्जन व बर्न यूनिट के विभागाध्यक्ष डॉ. ललित मिंज ने ऑपरेशन किया था. बच्ची की स्थिति अब सामान्य होने के बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गयी है. डॉ ललित मिंज ने बताया एमजीएम में ऐसा ऑपरेशन पहली बार हुआ. ऐसे मरीज लाखों में एक पाये जाते हैं. जिनका सिर अर्द्ध विकसित रहता है. इसका ऑपरेशन करना भी काफी मुश्किल होता है.

28 अक्तूबर 2023 को बच्ची का जन्म

डॉ. ललित मिंज ने बताया कि, मां और बच्चे का ब्लड ग्रुप अगर एक नहीं होता तो अगर दोनों को ब्लड ग्रुप नहीं मिलेगा तो बच्ची का ऑपरेशन नहीं हो पाता. उन्होंने बताया कि ऑपरेशन के दौरान बच्ची के मां की जांघ का मांस काटकर बच्ची के धंसे सिर में लगाया गया. अर्जुन सबर की पत्नी सोकोदा सबर ने 28 अक्तूबर 2023 को बच्ची को जन्म दिया था. जन्म से ही बच्ची का सिर अर्द्ध विकसित था. सिर का ऊपरी हिस्सा धंसा हुआ था. चार माह तक एमजीएम अस्पताल के एनआइसीयू में भर्ती रहने के बाद अंतत: डॉक्टरों ने ऑपरेशन करने का निर्णय लिया.

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By Prabhat Khabar News Desk

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