6 सितंबर 2025 को गोइलकेरा में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था अमित हांसदा
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने बरामद किया था एसएलआर, कारतूस व अन्य सामान
Jamshedpur News :
पश्चिमी सिंहभूम जिले के गोईलकेरा थाना क्षेत्र स्थित पंचलताबुरु जंगल में पुलिस मुठभेड़ में मारे गये 10 लाख रुपये के इनामी नक्सली एवं जोनल कमेटी सदस्य अमित हांसदा उर्फ अपटन के मामले की जांच अब सीआइडी ने शुरू कर दी है. पुलिस मुख्यालय ने इस मुठभेड़ की जांच का जिम्मा सीआइडी को सौंपा है. इसके बाद जमशेदपुर स्थित सीआइडी टीम ने मामले से संबंधित दस्तावेजों और तथ्यों का परीक्षण शुरू कर दिया है.गौरतलब है कि 6 सितंबर 2025 को हुई इस मुठभेड़ में अमित हांसदा उर्फ अपटन मारा गया था. वह बोकारो जिले के चतरोचट्टी थाना क्षेत्र के ढोड़ा गांव का निवासी था और माओवादी संगठन में जोनल कमेटी सदस्य के रूप में सक्रिय था. उस पर झारखंड पुलिस ने 10 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था.गुप्त सूचना के आधार पर चला था अभियान
तत्कालीन चाईबासा पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन को मिली गुप्त सूचना के आधार पर अपर पुलिस अधीक्षक (अभियान) पारस राणा और कोबरा-209 बटालियन के सहायक समादेष्टा दीपक कुमार के नेतृत्व में संयुक्त अभियान चलाया गया था. इस दौरान हुई मुठभेड़ में अमित हांसदा उर्फ अपटन मारा गया. वहीं कई शीर्ष नक्सली जंगल-पहाड़ का फायदा उठाकर भाग निकले थे. मुठभेड़ के बाद घटनास्थल से एक एसएलआर रायफल, बड़ी संख्या में कारतूस तथा अन्य सामग्री बरामद की गयी थी.96 से अधिक नक्सली वारदातों में था शामिल अमित
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार अमित हांसदा उर्फ अपटन झारखंड में हुई 96 से अधिक बड़ी नक्सली घटनाओं में शामिल रहा था. उस पर कई पुलिसकर्मियों की हत्या, हथियार लूट और सुरक्षाबलों पर हमलों की साजिश रचने के आरोप थे. सरायकेला-खरसावां के कुकड़ू में पांच पुलिसकर्मियों की हत्या, गोईलकेरा में पूर्व विधायक गुरुचरण नायक पर हमला, दो जवानों की हत्या तथा हथियार लूट जैसी घटनाओं में उसकी भूमिका सामने आयी थी. वर्ष 2014 में चाईबासा जेल ब्रेक की साजिश में भी उसका नाम शामिल था. पुलिस के अनुसार वह लंबे समय से कोल्हान और सारंडा के जंगलों में सक्रिय रहकर संगठन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल रहा था.कोट…
गोईलकेरा में हुई नक्सली मुठभेड़ मामले की जांच का जिम्मा सीआइडी को सौंपा गया है. मामले की जांच शुरू कर दी गयी है.
