जमशेदपुर: लगातार बारिश के बाद खरकई और सुवर्णरेखा नदी का जलस्तर अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बना हुआ है. हालांकि अब लोगों के लिए राहत की खबर सामने आई है. दोनों नदियों के जलस्तर में अब गिरावट शुरू हो गई है. इसके बावजूद नदी का पानी खतरे के निशान से ऊपर होने के कारण तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को अभी सतर्क रहने की जरूरत है.
आज सुबह 6 बजे की रिपोर्ट के अनुसार, खरकई नदी का जलस्तर आदित्यपुर ब्रिज पर 132.85 मीटर दर्ज किया गया है. यहां खतरे का निशान 129.00 मीटर है. यानी खरकई नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 3.85 मीटर ऊपर है. हालांकि राहत की बात यह है कि नदी का जलस्तर अब नीचे गिर रहा है.
इसी तरह सुवर्णरेखा नदी का जलस्तर मानगो ब्रिज पर सुबह 6 बजे 122.78 मीटर दर्ज किया गया. यहां खतरे का निशान 121.50 मीटर है. यानी सुवर्णरेखा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 1.28 मीटर ऊपर है. यहां भी जलस्तर में गिरावट शुरू हो गई है.
मानगो, बारीडीह और भुइयांडीह पर नजर
नदियों का जलस्तर बढ़ने के बाद मानगो, बारीडीह और भुइयांडीह समेत तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ी हुई है. इन इलाकों में नदी का जलस्तर बढ़ने का सीधा असर निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों पर पड़ सकता है. ऐसे में प्रशासन की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है.
आपात स्थिति से निपटने को नगर निकाय अलर्ट
संभावित आपदा से निपटने के लिए दोनों नगर निकायों ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं. मानगो नगर निगम के अपर नगर आयुक्त जीतेंद्र यादव ने बताया कि पूरे क्षेत्र की स्थिति पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है. सुरक्षा के दृष्टिकोण से नदी तटीय इलाकों में अतिरिक्त लाइटों की व्यवस्था की गयी है.
सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को आपात ड्यूटी के लिए अलर्ट मोड पर रखा गया है. सामुदायिक भवनों और स्कूलों को राहत शिविर के रूप में तैयार रखा गया है. जेएनएसी के नगर आयुक्त योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि तटीय इलाकों में लगातार निगरानी रखी जा रही है. माइकिंग के जरिये नागरिकों को लगातार सचेत किया जा रहा है. जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत शिविर चालू कर प्रभावितों को ठहराया जायेगा.
