Jamshedpur: ईरान के सुप्रीम लीडर सैयद अली खामनेई की मौत की खबरों के बाद लौहनगरी जमशेदपुर के मुस्लिम समाज में भारी आक्रोश देखा जा रहा है. रविवार की रात हुसैनी मिशन के बैनर तले सैकड़ों महिलाओं और पुरुषों ने कैंडल मार्च निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने इजरायल और अमेरिका के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और इस घटना को वैश्विक गुंडागर्दी करार दिया.
मानगो और शास्त्री नगर से जुटा जनसैलाब
विरोध मार्च की शुरुआत दो अलग-अलग स्थानों से हुई. मानगो चौक से ऐनी हुसैन और तहजीब रिजवी के नेतृत्व में महिलाओं का जत्था निकला, वहीं शास्त्री नगर से रईस रिजवी व मून रिजवी की अगुवाई में पुरुष प्रदर्शनकारी रवाना हुए. दोनों मार्च साकची गोलचक्कर पर आकर एक विशाल सभा में तब्दील हो गए. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अब समय आ गया है कि दमनकारी ताकतों के खिलाफ पूरी दुनिया एकजुट होकर आवाज बुलंद करे.
फिलिस्तीन की आजादी और ईरान की जीत का संकल्प
मस्जिद के पेश इमाम मौलाना जकी हैदर ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि खामनेई की शहादत से ईरान का हौसला टूटने वाला नहीं है. उन्होंने विश्वास जताया कि अंततः ईरान की जीत होगी और अब वक्त आ गया है कि फिलिस्तीन को पूर्ण रूप से आजाद कराया जाए. प्रदर्शन में शामिल ऐनी हुसैन ने स्पष्ट किया कि ईरान परमाणु ऊर्जा का उपयोग केवल शांतिपूर्ण कार्यों के लिए कर रहा है, लेकिन अमेरिका और इजरायल इसे बहाना बनाकर हमला कर रहे हैं.
अमेरिका की ‘दादागिरी’ के खिलाफ एकजुटता
बाबर खान ने दो टूक कहा कि अमेरिका की मनमानी अब और नहीं चलने दी जाएगी. मार्च में मुनीर हसन, कमर हैदर, राशिद रिजवी, मोहम्मद राशिद, इनाम अब्बास, आशकार हुसैन और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद थे. सुरक्षा के मद्देनजर मार्च के दौरान पुलिस बल भी तैनात रहा.
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