जमशेदपुर : एमजीएम थाना क्षेत्र अंतर्गत तुरियाबेड़ा नेपाली बस्ती में शुक्रवार को गणेश पूजा विसर्जन के दौरान हुए मामूली विवाद ने शनिवार को उग्र रूप ले लिया. शाम करीब 5:30 बजे हथियारों से लैस होकर आये 30 से 40 युवकों ने बस्ती में जमकर उत्पात मचाया. राह चलते बुजुर्गों, महिलाओं और स्थानीय युवाओं पर लाठी, डंडे, पत्थर और धारदार हथियारों से हमला कर दिया. अचानक हुए हमले से अफरा-तफरी मच गयी, बाद में बस्तीवासियों ने एकजुट होकर हमलावरों को खदेड़-खदेड़ कर पीटा. इस हिंसक झड़प में दोनों पक्षों के लगभग 10 लोग गंभीर रूप से घायल हैं. घायलों में राहुल कर, छोटू रजक, आकाश कुमार, मुन्ना थापा, कालिया पात्रो और विश्वेश्वर राजवंशी मुख्य रूप से शामिल हैं. घटना की सूचना मिलने के काफी देर बाद पुलिस की एक पीसीआर वैन मौके पर पहुंची. पुलिस ने कुछ घायलों को इलाज के लिये एमजीएम अस्पताल पहुंचाया. वहीं, कई घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उनके परिजन उन्हें ब्रह्मानंद और टीएमएच ले गये.
मूर्ती विसर्जन के दौरान हुई थी कहासुनी
स्थानीय लोगों के अनुसार, शुक्रवार को बस्ती में गणेश पूजा मूर्ति विसर्जन के दौरान ऊपर टोला के रहने वाले सुशील नामक युवक के साथ किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी. शनिवार की सुबह में स्थानीय लोगों ने पहल कर मामले को शांत करा दिया था. लेकिन, शनिवार शाम में सुशील 30 से 40 युवकों को साथ लेकर नीचे बस्ती पहुंचा. सभी युवक लाठी, डंडे, बेलचा, तलवार, बोतलें और पत्थर लेकर आये थे. बस्ती में दाखिल होते ही वे गाली-गलौज करने लगे और जो भी सामने आया, उस पर हमला कर दिया.
महिलाओं व बुजुर्गों को भी नहीं बख्शा, घरों पर किया पथराव
उपद्रवियों के हमले से पूरे बस्ती में चीख-पुकार मच गयी. हमलावरों ने घरों के बाहर खड़े और रास्ते से गुजर रहे बेकसूर लोगों को निशाना बनाया. घायल विश्वेश्वर राजवंशी ने बताया कि युवक बिना किसी वजह के महिलाओं और बुजुर्गों के साथ मारपीट कर रहे थे. जब उन्होंने बीच-बचाव कर युवकों को समझाने का प्रयास किया, तो उपद्रवियों ने उन पर भी हमला कर दिया. इसके अलावा, आकाश कुमार उर्फ भोंदू को उसके घर के पास घेरकर बेलचा, तलवार और बोतल से मारकर लहूलुहान कर दिया. मुन्ना थापा की पत्नी के अनुसार, उनके पति बाजार से घर लौट रहे थे, तभी युवकों ने उन पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया. उपद्रवियों ने कई मकानों पर जमकर पथराव किया, जिससे खिड़कियों के कांच टूट गये और संपत्ति को नुकसान पहुंचा.
बस्तीवासियों ने दिखायी एकजुटता, उपद्रवियों को खदेड़ा
बस्ती में हो रहे हमले और तोड़फोड़ को देखकर स्थानीय लोग लामबंद हो गये. बस्ती के युवकों और निवासियों ने हिम्मत जुटायी और लाठी-डंडे लेकर उपद्रवियों का मुकाबला किया. ग्रामीणों को एकजुट होकर अपनी ओर बढ़ते देख हमलावर घबरा गये और भागने लगे. इस दौरान बस्ती के लोगों ने उन्हें दौड़ा-दौड़ा कर पीटा.
लोगों का आरोप- चार घंटे बाद आयी पुलिस
इधर, घटना को लेकर पुलिस की कार्यशैली से बस्तीवासियों में आक्रोश है. ग्रामीणों का आरोप है कि इतनी बड़ी घटना होने के चार घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस के वरीय अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे. बस्ती में महज एक पुलिस जीप भेजकर औपचारिकता पूरी कर ली गयी.
देर रात फिर हमले की आशंका से सहमे लोग
शनिवार शाम हुई घटना के बाद से पूरे तुरियाबेड़ा नेपाली बस्ती में भय और तनाव का माहौल बना हुआ है. स्थानीय निवासियों ने अंदेशा जताया है कि पुलिस बल की पर्याप्त तैनाती न होने के कारण देर रात उपद्रवी दोबारा लामबंद होकर हमला कर सकते हैं. ग्रामीणों ने जिला पुलिस और प्रशासन से क्षेत्र में पुलिस गश्त बढ़ाने और दोषी युवकों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की मांग की है.
