Jamshedpur News : टाटा विस्थापितों की मालगुजारी का मामला गरमाया, डीसी से मिले रैयत
Jamshedpur News : टाटा स्टील लीज क्षेत्र से बाहर स्थित जमीनों की मालगुजारी (रसीद) नहीं कटने की समस्या को लेकर शुक्रवार को विस्थापित रैयतों का एक प्रतिनिधिमंडल पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त से मिला.
By RAJESH SINGH | Updated at :
रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध, बावजूद इसके अंचल कार्यालय नहीं काट रहा मालगुजारी
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टाटा स्टील लीज क्षेत्र से बाहर स्थित जमीनों की मालगुजारी (रसीद) नहीं कटने की समस्या को लेकर शुक्रवार को विस्थापित रैयतों का एक प्रतिनिधिमंडल पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त से मिला. रैयतों ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए बताया कि वैध कागजात और खतियान ऑनलाइन होने के बावजूद अंचल कार्यालय द्वारा उनकी जमीन की रसीद नहीं काटी जा रही है, जिससे उनके समक्ष भविष्य का संकट खड़ा हो गया है. डीसी को सौंपे गये ज्ञापन में रैयतों ने बताया है कि उनकी जमीनें टाटा लीज क्षेत्र की परिधि से बाहर है. इन जमीनों पर उनका पुश्तैनी और वैध कब्जा है. सबसे बड़ी विडंबना यह है कि झारखंड सरकार के ऑनलाइन भूमि अभिलेख पोर्टल (झारभूमि) पर इन जमीनों का खतियान पूरी तरह दर्ज है. इसके बावजूद संबंधित अंचल कार्यालय मालगुजारी काटने में आनाकानी कर रहा है. रैयतों ने कहा कि रसीद नहीं कटने से उन्हें बैंकिंग कार्यों, सरकारी योजनाओं के लाभ और वंशावली जैसे कार्यों में भारी प्रशासनिक व कानूनी अड़चनों का सामना करना पड़ रहा है. डीसी से मिलने वालों में मुख्य रूप से हरमोहन महतो, दीपक रंजीत, तपन पांडा, मधुसूदन माझी, समतुला सिंह भूमिज, राम सिंह भूमिज, युधिष्ठिर सिंह समेत अन्य ग्रामीण उपस्थित थे.
उपायुक्त ने दिये जांच के आदेश
मामले की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त ने आश्चर्य जताया कि जब रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध है, तो तकनीकी बाधा कहां आ रही है. उन्होंने आश्वस्त किया कि विस्थापितों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जायेगा. डीसी ने तत्काल संबंधित अधिकारियों को पूरे प्रकरण की गहन जांच करने और नियमानुसार समाधान निकालने का निर्देश दिया है.