अगर हमारे मौलिक अधिकारों पर रोक लगेगी, तो सभी समाज के आंदोलन पर रोक लगा दिया जाये: कुड़मी समाज
जमशेदपुर में 23 नवंबर को कुड़मी अधिकार रैली, तीन राज्य के लोग होंगे शामिल
शुक्रवार को बिष्टुपुर निर्मल गेस्ट हाउस में हुई कोल्हान स्तरीय कुड़मी समाज की बैठक
वृहद झारखंड कुड़मी समन्वय समिति का किया गठन
Jamshedpur News :
अपने हक व अधिकार के लिए कुड़मी समाज पुनः एकबार आंदोलन का रुख अख्तियार करनेवाला है. इसके लिए शुक्रवार को जमशेदपुर बिष्टुपुर स्थित निर्मल गेस्ट हाउस में हुई कोल्हान स्तरीय बैठक में ””वृहद झारखंड कुड़मी समन्वय समिति”” का गठन किया गया. बैठक के उपरांत समिति के संयोजक हरमोहन महतो, शीतल ओहदार व कुड़मी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष शैलेंद्र महतो ने आंदोलन की रूपरेखा की घोषणा की. उन्होंने बताया कि इसके तहत राज्य के अलग अलग प्रमंडल में तिथिवार आंदोलन होगा. इसकी शुरुआत 2 नवंबर को हजारीबाग से होगी. इन रैली का नाम ””कुड़मी अधिकार रैली”” दिया गया है. जमशेदपुर में उपायुक्त कार्यालय के पास रैली में कोल्हान के कार्यकर्ता शामिल होंगे. उन्होंने बताया कि अगर इन रैलियों के बाद भी केंद्र सरकार इन अधिकारों के प्रति समुचित ध्यान नहीं दिया तो समाज आर्थिक नाकेबंदी करने पर भी विचार कर सकता है. शीतल ओहदार ने कहा कि उनकी मुख्य मांगों में कुड़मी जनजाति को अनुसूचित जनजाति में सूचीबद्ध करने, कुड़माली भाषा को 8वीं अनुसूची में शामिल करने व समाज के शहीदों के लगातार हो रहे अपमान पर रोक लगाने की मांग शामिल है. बैठक में हरिशंकर महतो, सपन महतो, नारायण महतो, प्रणव महतो, संतोष महतो, विशाल चंद्र महतो, सुमित महतो, पिंकी महतो, मोहिता महतो, अनिता महतो, रंजीता महतो, प्रबीर महतो, नेपाल महतो सहित कई लोग मौजूद थे.इन जगहों पर होगा कुड़मी अधिकार रैली
आदिवासी समाज के विरुद्ध कुड़मी समाज भी गोलबंद हो गये हैं और अपनी आंदोलन को धारदार व सरकार तक आवाज पहुंचाने के लिए झारखंड के विभिन्न शहरों में कुड़मी अधिकार रैली नाम से सभा करने की घोषणा कर दी है. इसकी शुरुआत 2 नवंबर को हजारीबाग से होगी. उसके बाद 16 नवंबर को बोकारो के चंदनकियारी, 23 नवंबर को पूर्वी सिंहभूम के जमशेदपुर, 2 दिसंबर को धनबाद व 14 दिसंबर को बोकारो के नावाडीह में रैली होगी. इसके बाद 11 जनवरी, 2026 को रांची के मोरहाबादी मैदान में महारैली होगी. जिसमें झारखंड समेत ओडिशा व बंगाल के प्रतिनिधि भी शिरकत करेंगे.
पिंकी बनीं कुड़मी सेना महिला की प्रदेश अध्यक्ष
बैठक में कुड़मी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष शैलेंद्र महतो ने बोड़ाम निवासी पिंकी महतो को संगठन की महिला प्रदेश अध्यक्ष के रूप में मनोनीत किया. साथ ही गम्हरिया निवासी प्रेम महतो को कोल्हान प्रमंडल अध्यक्ष के रूप में मनोनीत किया. शैलेंद्र ने दोनों पदाधिकारी को नियुक्ति पत्र सौंपा.किसने, क्या कहा
हमारा आंदोलन किसी समाज के विरुद्ध नही है, बल्कि अपनी अस्मिता की रक्षा करना है. असल मे समाज का रेल रोको आंदोलन की सफलता व ईसाई बन चुके आदिवासी का नाम सूची से हटाने के विरोध में प्रायोजित प्रदर्शन है.हरमोहन महतो
किसी भी समाज की भीड़ से कुड़मी घबराने वाले नही हैं. यह समाज डरनेवाला नही, बल्कि लड़नेवाला है. आनेवाले दिनों में इस तरह के किसी भी प्रयास का ईंट का जवाब चट्टान से मिलेगा.शैलेंद्र महतो
पश्चिम बंगाल में समाज के आंदोलन पर उच्च न्यायालय की रोक के बावत सुप्रीम कोर्ट में अपील की जायेगी. कोर्ट के समक्ष इस बातों को रखा जायेगा कि अगर हमारे मौलिक अधिकारों पर रोक लग सकती है तो देश के सभी समाज के आंदोलन पर रोक लगा दिया जाये.
अरविंद महतोB
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