-27 जून से पहले अक्षेस को नक्शा विचलन कर बने सभी भवनों की रिपोर्ट, कार्रवाई का पूरा ब्योरा देने का आदेश
-जमशेदपुर अक्षेस क्षेत्र में नक्शा विचलन मामले में दायर जनहित याचिका की सुनवाई में हाइकोर्ट में उपस्थित हुए उपनगर आयुक्त कृष्ण कुमार
वरीय संवाददाता, जमशेदपुर
झारखंड हाई कोर्ट ने जेएनएसी क्षेत्र ( जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति ) में अब तक नक्शा विचलन कर बने सभी भवनों की विस्तृत रिपोर्ट स्पेशल टीम ( टाउन प्लानर ) से बनाने और कार्रवाई का पूरा ब्योरा हलफनामा के जरिए 27 जून से पहले दाखिल करने का आदेश जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति के उपनगर आयुक्त कृष्ण कुमार को दिया है. इसके अलावा अदालत ने कहा है कि विचलन व पार्किंग पर कार्रवाई जारी रखते हुए जल्द से जल्द सुधार करें. केवल नोटिस से काम नहीं चलेगा. कार्रवाई करनी पड़ेगी. अदालत ने यह भी जोड़ा कि यदि कार्रवाई के बीच किसी तरह का व्यवधान अथवा अनैतिक दबाव आये, तो अदालत को तुरंत सूचित करें. अनैतिक दबाव पर कार्रवाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए. सोमवार को झारखंड हाइकोर्ट के न्यायाधीश रंगन मुखोपाध्याय और न्यायाधीश दीपक रौशन की पीठ में जनहित याचिका ( 2078 /2018 ) की सुनवाई हुई. कोर्ट के आदेश से जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति के उप नगर आयुक्त कृष्ण कुमार कोर्ट में सशरीर उपस्थित हुए. मामले की सुनवाई अब 25 जून को होगी. याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता अखिलेश श्रीवास्तव, रोहित सिन्हा, निर्मल घोष और एम आई हसन ने सुनवाई में हिस्सा लिया.हाइकोर्ट ने पूछा- बड़े पैमाने पर विचलन पर विभाग क्यों सो रहा है?
हाइकोर्ट ने सुनवाई के दौरान जेएनएसी के उपनगर आयुक्त कृष्ण कुमार से पूछा कि जमशेदपुर में इतने बड़े पैमाने पर विचलन पर आपका विभाग क्यों सो रहा है? उपनगर आयुक्त के 46 भवनों को चिह्नित करने और 31 भवनों के बेसमेंट पार्किंग को खाली कराने और शेष बचे 15 भवनों के बेसमेंट को खाली कराने की प्रकिया जल्द पूरी होने की बात कहीं. इस पर अदालत ने उपनगर आयुक्त से पूछा कि क्या वर्ष 2011 में बनी सूची ही अंतिम सूची है. इतना ही जमशेदपुर के बने भवनों में नक्शा विचलन हुआ है?
कोर्ट ने कहा- कितना हुआ है अवैध निर्माण
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता अखिलेश श्रीवास्तव ने अदालत को बताया कि कुल 1257 अवैध निर्माण हुए हैं और 46 की लिस्ट 2011 की है. उन्होंने अदालत को पिटीशन में पृष्ठ संख्या 44 से 56 तक दिखाते हुए बताया कि यह सूचना के अधिकार से प्राप्त किया गया है. जिसके अनुसार अगस्त, 2017 तक अक्षेस ने 535 अवैध निर्माणों को कारण पृच्छा नोटिस जारी किया है. अदालत ने सुनवाई के दौरान जेएनएसी के उपनगर आयुक्त से पूछा कि आप स्पष्ट बतायें कि कितना अवैध निर्माण हुआ है.प्रार्थी की ओर से जेएनएसी के जवाब पर आपत्ति जताते हुए कहा कि वर्ष 2017 में जेएनएसी ने आवासीय बिल्डिंग का व्यवसायिक उपयोग, नक्शा विचलन आदि से संबंधित 535 अवैध भवनों को नोटिस जारी किया था. अब तक के आंकड़े के अनुसार जेएनएसी क्षेत्र में 1257 अवैध बिल्डिंग बने हुए हैं. जेएनएसी क्षेत्र में वर्ष 2023 तक लगभग 1246 भवनों का अवैध निर्माण हुआ है. 57 भवन निर्माणाधीन हैं.छोटे से शहर में 1257 अवैध निर्माण
सुनवाई के दौरान अदालत इस बात पर हैरानी जतायी कि जमशेदपुर जैसे छोटे से शहर में 1,257 अवैध निर्माण हैं. अदालत ने याचिकाकर्ता के अधिवक्ता से पूछा कि क्या 1,257 का आंकड़ा विश्वसनीय है. क्या वे पूरी लिस्ट अदालत में दाखिल कर सकते हैं. इस पर अधिवक्ता अखिलेश श्रीवास्तव ने कहा कि उनके पास लिस्ट के अलावा फोटोग्राफ्स भी हैं. उप नगर आयुक्त इतना बता सकते हैं कि उन्होंने कितने भवनों का परमिट जारी किया है. अदालत ने उप नगर आयुक्त को कहा कि आपकी ओर से दायर काउंटर एफिडेविट ( हलफनामा ) और याचिकाकर्ता की ओर से दायर सूची में यह संख्या 535 की है. अवैध निर्माणों की कुल संख्या याचिकाकर्ता के अनुसार 1257 का है. आप कोर्ट को गुमराह कर रहे हैं.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
