Jamshedpur News : वर्दी पहन पुलिस लिखे वाहन से किया गया था कैरव का अपहरण, मुठभेड़ में तीन अपराधियों को लगी गोली
Jamshedpur News : बिष्टुपुर सीएच एरिया के युवा उद्यमी कैरव गांधी का अपहरण सिर्फ पुलिस लिखे वाहन से ही, नहीं बल्कि पुलिस की वर्दी पहनकर अपराधियों ने किया था.
By RAJESH SINGH | Updated at :
कैरव अपहरणकांड : छह अपहरणकर्ता गिरफ्तार, मुठभेड़ में तीन अपराधियों को लगी गोली
हथियार बरामदगी के दौरान कारबाइन छीन पुलिस पर चलायी थी गोली
हथियार का भय दिखाकर कैरव को कार में नीचे बैठाया, चिल्लाने पर गोली मारने की धमकी दी
Jamshedpur News :
बिष्टुपुर सीएच एरिया के युवा उद्यमी कैरव गांधी का अपहरण सिर्फ पुलिस लिखे वाहन से ही, नहीं बल्कि पुलिस की वर्दी पहनकर अपराधियों ने किया था. ताकि कैरव गांधी आसानी से उनके कब्जे में आ सके. घर से निकलने के बाद कदमा-सोनारी लिंक रोड गोलचक्कर के पास 13 जनवरी को पूर्व से घात लगाये अपराधियों ने ओवरटेक कर कैरव गांधी को रोका और पूछताछ के लिये थाना चलने की बात कहकर अपने साथ स्कॉर्पियो में बैठा लिया. जबकि एक अपराधी स्कॉर्पियो से उतरकर कैरव की कार में चालक की सीट पर बैठ गया. कार में बैठते ही पुलिस बने अपराधियों ने कैरव को देसी कट्टा और पिस्तौल का भय दिखाकर टोपी पहनाकर, मुंह ढंक नीचे बैठा दिया और चिल्लाने पर गोली मारने की धमकी दी थी. उक्त जानकारी एसएसपी पीयूष पांडेय ने शुक्रवार को केस का उद्भेदन करते हुये दी. पुलिस ने कैरव गांधी के अपहरण मामले में छह अपराधियों को गयाजी, नालंदा और पटना से गिरफ्तार किया है.
पुलिस की कारबाइन छीनकर चलायी गोली, जवाबी कार्रवाई ने तीन अपराधी घायल
पूछताछ में अपराधियों ने पुलिस को कई अहम जानकारी दी. जिसके बाद गुरुवार की देर रात पुलिस हथियार बरामद करने के लिये सीएच एरिया साईं मंदिर के पास सुनसान स्थल पर अपराधियों को लेकर गयी. लेकिन इसी बीच गिरफ्तार अपराधी इमरान ने एक सिपाही के हाथों से कारबाइन छीनकर पुलिस पर ताबड़तोड़ छह गोली फायर की. जवाब में पुलिस ने भी पांच राउंड फायरिंग की. जिसमें गिरफ्तार किये गये तीन अपराधी नालंदा इस्लामनगर निवासी गुड्डू सिंह, मो. इमरान आलम उर्फ आमिर और रमीज राजा घायल हो गये. तीनों के पैर में गोली लगी. अचानक हुई गोलीबारी से अफरा-तफरी मच गयी. सूचना मिलने पर एसएसपी पीयूष पांडेय, सिटी एसपी कुमार शिवाशीष दलबल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे. जिसके बाद पुलिस ने तीनों घायलों को इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया है.एसएसपी पीयूष पांडेय ने पत्रकारों को बताया कि गत 13 जनवरी को बिष्टुपुर सीएच एरिया निवासी कैरव गांधी का अपहरण मामले में छह अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है. गिरफ्तार अपराधियों में बिहार के नालंदा इस्लामपुर निवासी गुड्डू सिंह, मो. इमरान आलम उर्फ आमिर, रमीज राजा, गयाजी के बुनियादगंज सौंधी निवासी उपेंद्र सिंह, अर्जुन सिंह उर्फ आर्यन और पटना अगमकुआं कुम्हारपारा आईओसी कॉलोनी निवासी मोहन कुमार प्रसाद शामिल है. गिरफ्तार युवकों की निशानदेही पर दो देसी कट्टा, चार गोली,अपहरण में प्रयुक्त स्कॉर्पियो और मोबाइल बरामद किया गया है. गुरुवार की रात हुए फायरिंग में घायल गुड्डू सिंह, मो. इमरान और रमीज राजा का एमजीएम अस्पताल में इलाज चल रहा है. गिरफ्तार अर्जुन सिंह और मोहन कुमार प्रसाद को जेल भेज दिया गया है.
छापेमारी के दौरान छत से कूदा उपेंद्र, हुआ घायल
एसएसपी पीयूष पांडेय ने बताया कि छापेमारी के दौरान गयाजी के बुनियादगंज थाना अंतर्गत सौंधी निवासी उपेंद्र सिंह घर की छत से कूदकर भागने का प्रयास किया. इस दौरान उसके पैर में गंभीर चोट लगी है. जिसके बाद पुलिस ने उसे दबोच लिया. उपेंद्र सिंह का सोनारी के एक नर्सिंग होम में इलाज कराया गया. अब उसे एमजीएम अस्पताल में शिफ्ट किया गया है. स्थिति में सुधार होने के बाद उसे भी जेल भेजा जायेगा.
गिरोह का सरगना है गुड्डू सिंह
एसएसपी ने बताया कि गिरोह का सरगना नालंदा निवासी गुड्डू सिंह है. उसपर पूर्व में अपहरण का केस दर्ज है. उसी ने गिरोह के अन्य सदस्यों को अपहरण के लिये तैयार किया था. अपहरण में शामिल अन्य छह से सात युवकों की गिरफ्तारी अभी बाकी है. उसकी तलाश की जा रही है. इसके अलावा इस मामले में लोकल लिंक का भी पता चल गया है. अपराधियों को चिह्नित कर लिया गया है, उसकी गिरफ्तारी के लिए छापामारी की जा रही है.
चांडिल में कैरव को दूसरी कार में किया शिफ्ट, खोली वर्दी, हटाया स्टीकर
अपहरण करने के बाद अपहरणकर्ता कैरव को कांदरबेड़ा ले गये. जहां साथी अपराधी ने कैरव की कार को एनएच किनारे खड़ी कर दी. फिर वह स्कॉर्पियो में बैठ गया. एसएसपी पीयूष पांडेय ने बताया कि चांडिल में टोल प्लाजा पार करने के बाद उन्होंने कैरव गांधी को दूसरी कार में शिफ्ट कर दिया. इसके अलावा स्कॉर्पियों से पुलिस का सायरन, स्टीकर हटा दिया. इसके अलावा नंबर प्लेट पर लगाया गया फर्जी रजिस्ट्रेशन नंबर के स्टीकर को भी हटा लिया. अपराधियों ने स्कॉर्पियो पर (जेएच12ए 4499) का स्टीकर लगाया था. जबकि स्कॉर्पियो का असली नंबर (बीआर-01पीबी1062) था. स्टीकर, कपड़े, सायरन और नंबर प्लेट हटाने के बाद स्कॉर्पियो पुरुलिया की ओर चली गयी. जबकि कैरव गांधी को दूसरी कार से गयाजी के मुफस्सिल थाना अंतर्गत बिसर गांव ले जाया गया.
गयाजी में सुनसान स्थल पर निर्माणाधीन मकान में कैरव को 13 दिन रखा
एसएसपी ने बताया कि अपहरणकर्ता कैरव को गयाजी के मुफल्लिस थाना अंतर्गत बिसर गांव में एक सुनसान स्थल पर बने निर्माणाधीन मकान में 13 दिनों तक रखा. जिस स्थल पर उक्त मकान था. वह पूर्व में उग्रवादग्रस्त था. जिसके कारण अमूमन लोग उस स्थल पर नहीं जाते थे. जिसका फायदा अपराधियों ने उठाया. पुलिस की सख्ती देख अपराधी कैरव गांधी को चौपारण में शिफ्ट करने की तैयारी में थे, लेकिन इसी बीच पुलिस ने घेराबंदी कर 26 जनवरी की रात कैरव गांधी को सकुशल मुक्त करा लिया.
8 करोड़ फिरौती की बात गलत : एसएसपी
एसएसपी पीयूष पांडेय ने बताया कि अपहरणकर्ताओं को कैरव के बदले आठ करोड़ रुपये की फिरौती घरवालों द्वारा दिये जाने की बात पूरी तरह गलत है. घरवालों ने फिरौती की कोई रकम नहीं दी है. अपहरणकर्ता 80 से 90 लाख रुपये वसूलने की चर्चा कर रहे थे. जिसके बातचीत के अंश मिले थे. 26 जनवरी को इसकी जानकारी होने के बाद पुलिस टीम रेस हुई, फिर अपराधी पकड़े गये.
अक्तूबर से चल रही थी कैरव के अपहरण की योजना
एसएसपी ने बताया कि कैरव के अपहरण की योजना गत अक्तूबर माह से अपराधियों द्वारा बनायी जा रही थी. इसके लिए वे लोग अक्तूबर में दो बार 13 और 31 अक्तूबर को शहर पहुंचे थे. इसके अलावा 28 दिसंबर को भी शहर आये थे. वे अपहरण में शामिल लोकल लिंक से लगातार संपर्क में थे. लोकल लिंक द्वारा ही उन्हें कैरव की पलपल की जानकारी दी जा रही थी.
अपहरण के बाद साईं मंदिर के पास फेंका हथियार
एसएसपी पीयूष पांडेय ने बताया कि कैरव गांधी का सोनारी-कदमा लिंक रोड गोलचक्कर के पास से अपहरण करने के बाद अपराधियों ने हथियार को एक थैला में डालकर साईं मंदिर के पास झाड़ी में फेंक दिया, ताकि रास्ते में चेकिंग में कहीं पकड़े नहीं जा सकें. उनलोगों ने कैरव को टोपी पहनाकर मुंह ढंक दिया था. इस कारण उसे अपराधियों की हरकत का पता नहीं चल रहा था.
एमजीएम अस्पताल में कड़ी सुरक्षा में घायल अपराधियों का चल रहा इलाज
इधर, गुरुवार की देर रात पुलिस मुठभेड़ में घायल हुए गुड्डू सिंह, मो. इमरान और रमीज राजा का एमजीएम अस्पताल में कड़ी सुरक्षा में इलाज चल रहा है. घायलों से किसी को मिलने नहीं दिया जा रहा है. यहां तक की पत्रकार व छायाकारों को भी वहां प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा है. घायलों की निगरानी के लिए दो पुलिस पदाधिकारी के अलावा 15 जवानों को तैनात किया गया है.
गुड्डू-उपेंद्र ने बनाया नया गिरोह
एसएसपी पीयूष पांडेय ने बताया कि गिरफ्तार नालंदा के इस्लामपुर निवासी गुड्डू सिंह और गयाजी के सौंधी निवासी उपेंद्र सिंह ने नया गिरोह तैयार किया था. गिरफ्तार युवक बिहार के किसी गिरोह से नहीं जुड़े हैं.अजय प्रताप सिंह के गिरोह से भी नहीं जुड़े हैं. गिरफ्तार अन्य युवकों का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है.
अपहरण के लिए पटना से 3.80 लाख में खरीदी स्कॉर्पियो
पुलिस के अनुसार कैरव गांधी के अपहरण से पूर्व अपराधियों ने पटना से 3.80 लाख रुपये में सेकेंड हैंड स्कॉर्पियो खरीदी थी. इसके लिए गुड्डू सिंह ने 3.60 लाख रुपये नगद दिया था. बाकी 20 हजार रुपये ऑनलाइन पेमेंट किया था.