बिष्टुपुर स्थित चेंबर भवन में केंद्रीय बजट 2026-27 पर परिचर्चा का आयोजन
Jamshedpur News :
प्रभात खबर की ओर से शनिवार को बिष्टुपुर स्थित चेंबर भवन में केंद्रीय बजट 2026-27 पर एक परिचर्चा का आयोजन किया गया. इस परिचर्चा का उद्देश्य केंद्रीय बजट में किये गये प्रावधानों के व्यापार, उद्योग और आम जनता पर पड़ने वाले प्रभावों पर व्यापक विमर्श करना था. कार्यक्रम में चेंबर ऑफ कॉमर्स के पदाधिकारियों ने आगामी बजट को लेकर खुलकर अपने विचार रखे. परिचर्चा के दौरान सीनियर सिटीजन को मिलने वाली सुविधाओं, टैक्स में छूट, मेडिकल एवं शिक्षा से जुड़े खर्चों पर विस्तार से चर्चा की गयी. साथ ही टैक्स प्रणाली को सरल, पारदर्शी और व्यापार के अनुकूल बनाने पर विशेष जोर दिया गया. …………………………………………………….व्यापारियों ने क्या-क्या सुझाव दिये
सरकार के द्वारा चलायी जा रही आयुष्मान भारत योजना अभी सिर्फ बीपीएल के लिए है, लेकिन इसको मध्यम वर्ग के लोगों के लिए भी लागू करने की जरूरत है. क्योंकि मध्यम वर्ग के कई लोग भी गरीब होते हैं. इसको ध्यान में रखते हुए सरकार को उनके लिए भी सोचने की जरूरत है.सीए विनीत मेहता
———————–देश में बिटकॉइन को एक पूंजीगत संपत्ति के रूप में देखा जा रहा है और 2022 से इसे वैधानिक रूप से वर्चुअल डिजिटल एसेट माना गया है, इसको कैपिटल एसेट में लाने की जरूरत है. इससे जीडीपी में ग्रोथ होगा.सीए चेतन अग्रवाल
——————–जीएसटी में गड़बड़ी होने के कारण ग्राहकों को काफी समस्या होती है. इसको देखते हुए जीएसटी में सुधार करने की जरूरत है.सीए मनोज अग्रवाल
———————–सरकार के द्वारा सीनियर सिटीजन को मिलने वाली कई सुविधाएं बंद कर दी गयीं हैं. जिसको फिर से शुरू करने की जरूरत है. केंद्र सरकार का कहना है कि देश में वन नेशन वन टैक्स लागू होगा, लेकिन यहां कदम-कदम पर टैक्स देना पड़ रहा है. इसमें सुधार की जरूरत है.अधिवक्ता सतीश कुमार सिंह
————————-सरकार को देश में कैश बॉन्ड स्कीम लाने की जरूरत है. इससे सरकार के साथ ही ग्राहकों को भी काफी लाभ होगा.भरत मकानी, सचिव चेंबर ऑफ कॉमर्स
————————–सरकारी नौकरी निकले, सभी को मेडिकल सुविधा मिले इसके लिए सरकार को नियम बनाने की जरूरत है.
सीए अनिल अग्रवाल
—————————दिव्यांग व सीनियर सिटीजन को मिलने वाली कई प्रकार की छूट बंद हो गयी है. इसको कोविड का बहाना बनाकर बंद किया गया था. सरकार को अब इसको चालू करने की जरूरत है. सीनियर सिटीजन के लिए सरकार को ऐसा नियम बनाने की जरूरत है, जिससे उनको किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं हो.अधिवक्ता अंशुल रिंगसिया
—————————-टैक्स पर बढ़ाया इंडेक्सेशन को टैक्स रेट में कम करने की जरूरत है. इसके साथ ही मेडिकल व शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है, ताकि लोगों को इसका लाभ मिल सके.सीए आदित्य जाजोडिया
—————-राशन व पैसा का फ्री में वितरण बंद कर सरकार को लोगों को रोजगार देना चाहिए. वर्तमान में शिक्षा व चिकित्सा का हो रहे व्यावसायीकरण को रोकते हुए एक नियम बनाने की जरूरत है, ताकि निचले और मध्यम दर्जे के लोगों को भी इसका लाभ मिल सके.विजय आनंद मूनका, निवर्तमान अध्यक्ष चेंबर ऑफ कॉमर्स
————————-सरकार को व्यापार के नियम और जीएसटी को भी सरल बनाने की जरूरत है, ताकि छोटे कारोबारी भी आसानी से इसका अनुपालन कर सकें.राजेश कुमार अग्रवाल, अधिवक्ता
——————————इनकम टैक्स में करदाताओं को लाभ मिल रहा है. लेकिन टीडीएस में काफी समस्या है. उसको सरल करने की जरूरत है. सरकार के द्वारा इनकम टैक्स रिफंड को रोका जा रहा है. जिसे देने की जरूरत है.अधिवक्ता राजीव अग्रवाल, उपाध्यक्ष सिंहभूम चेंबर
—————–आज के दौर में ऑनलाइन व्यापार तेजी से बढ़ रहा है. ब्लिंकिट जैसी कंपनियां सस्ते दामों पर सामान उपलब्ध कराकर पारंपरिक रिटेल बाजार को नुकसान पहुंचा रही हैं, जिससे दोनों के दामों में बड़ा अंतर पैदा हो गया है. इसका सीधा असर स्थानीय दुकानदारों पर पड़ रहा है. सरकार को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए, अन्यथा ऐसी और कंपनियां आयेंगी और दुकानें बंद होती जायेंगी. साथ ही देश में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने और मुफ्त सुविधाओं की नीति पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता है.
अधिवक्ता मानव केडिया, अध्यक्ष चेंबर ऑफ कॉमर्स
————–केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर व्यापारियों के सुझाव
-आयुष्मान की सुविधा बीपीएल के साथ माध्यम वर्ग को भी मिले– शिक्षा व मेडिकल सुविधा बढ़ाने की जरूरत- जीएसटी की प्रक्रिया को सरल बनाने की जरूरत
– सरकार के द्वारा लोगों के बीच पैसा व फ्री राशन वितरण बंद होना चाहिएडिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
