Jamshedpur News : केवल डिग्री काफी नहीं, रिसर्च ऐसे हों, जो इनोवेशन और स्किल डेवलपमेंट को बढ़ावा दे : डॉ. पंकज राय

Jamshedpur News : आरवीएस कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में आयोजित रिसेंट ट्रेंड्स इन कंप्यूटर साइंस एंड टेक्नोलॉजी विषय पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस का समापन शुक्रवार को हुआ.

आरवीएस कॉलेज में अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस संपन्न, कंप्यूटर साइंस के बदलते दौर पर हुई चर्चा

मुख्य बिंदु-

– कुल 26 ट्रैक्स में शोध पत्र पढ़े गये

– 20 से अधिक ऑनलाइन और ऑफलाइन टेक्निकल सेशन हुए

– देश-विदेश के करीब एक दर्जन नामी संस्थानों के प्रोफेसर शामिल हुए

Jamshedpur News :

आरवीएस कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में आयोजित रिसेंट ट्रेंड्स इन कंप्यूटर साइंस एंड टेक्नोलॉजी विषय पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस का समापन शुक्रवार को हुआ. इस आयोजन में देश-विदेश के विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया और आधुनिक तकनीक के भविष्य पर मंथन किया. इस दौरान मुख्य अतिथि के रूप में बीआइटी सिंदरी के डायरेक्टर प्रो. (डॉ.) पंकज राय ने कहा कि वर्तमान दौर में केवल डिग्री काफी नहीं है. रिसर्च पेपर ऐसे होने चाहिए जो इनोवेशन और स्किल डेवलपमेंट को बढ़ावा दे. उन्होंने कहा कि रिसेंट ट्रेंड्स इन कंप्यूटर साइंस जैसे विषय आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत हैं, लेकिन शोध केवल कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए. संस्थान के सचिव भरत सिंह ने शोधकर्ताओं से आह्वान किया कि वे ऐसे तकनीकी विचार पेश करें, जो समाज की जमीनी समस्याओं का समाधान कर सके. 26 ट्रैक्स में हुए इस आयोजन में ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों का उपयोग किया गया, जिससे वैश्विक स्तर पर ज्ञान का आदान-प्रदान सुगम हुआ. इस सम्मेलन में इंडोनेशिया के डॉ. आई बायू बुदी संताना और नेपाल के डॉ. अजय थापा जैसे अंतरराष्ट्रीय वक्ताओं ने अपने विचार रखे. साथ ही एनआइटी जमशेदपुर, ट्रिपल आइटी रांची और बीआइटी सिंदरी के सीनियर प्रोफेसरों ने सत्रों की अध्यक्षता की. कॉन्फ्रेंस के अंत में बेहतरीन शोध पत्रों के लिए बेस्ट पेपर अवॉर्ड दिये गये. प्रिंसिपल प्रो. (डॉ.) राजेश कुमार तिवारी ने सभी शोध पत्रों का सारांश प्रस्तुत किया. धन्यवाद ज्ञापन डॉ. सुधीर झा ने किया.

कॉन्फ्रेंस के समापन में यह बातें मुख्य रूप से निकल कर सामने आयी

इनोवेशन एंड स्किल :

प्रो. राय ने बल देते हुए कहा कि आज की तकनीकी दुनिया बहुत तेजी से बदल रही है. उन्होंने शोधकर्ताओं से आग्रह किया कि वे ऐसे प्रोटोटाइप और मॉडल विकसित करें, जो न केवल सैद्धांतिक रूप से मजबूत हों, बल्कि जिनमें व्यावहारिक कौशल की झलक दिखे. उन्होंने कहा कि नवाचार वही है, जो किसी पुरानी समस्या को नये और आसान तरीके से हल करे.

सामाजिक प्रासंगिकता :

उन्होंने प्रतिभागियों से आह्वान करते हुए कहा कि एक इंजीनियर या वैज्ञानिक का असली योगदान तब माना जाता है जब उसका शोध समाज के अंतिम व्यक्ति के काम आये. उन्होंने कॉन्फ्रेंस में प्रस्तुत शोध पत्रों की गुणवत्ता की सराहना करते हुए कहा कि इनमें से कई विचार भविष्य की चुनौतियों से निपटने में सक्षम हैं.

संस्थान की सराहना :

प्रो. राय ने आरवीएस कॉलेज को बधाई देते हुए कहा कि लगातार छह बार आइइइइ स्तर की अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस आयोजित करना इस बात का प्रमाण है कि यह संस्थान न केवल शिक्षा, बल्कि उच्च स्तरीय शोध को बढ़ावा देने के लिए गंभीर है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By RAJESH SINGH

RAJESH SINGH is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >