बहरागोड़ा : पश्चिम बंगाल और ओडिशा की सीमा से सटा झारखंड का बहरागोड़ा इन दिनों नशे के सौदागरों के लिए मुफीद रास्ता बनता जा रहा है. तीन राज्यों की सीमा होने के कारण नशीले पदार्थों की अंतरराज्यीय तस्करी के लिहाज से बेहद संवेदनशील है. ओडिशा से नशीले पदार्थों की खेप बहरागोड़ा के रास्ते झारखंड, पश्चिम बंगाल और बिहार समेत दूसरे राज्यों में भेजी जा रही है. सीमावर्ती क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति तस्करों के लिए ढाल बन रही है.
एक साल में तीन करोड़ का नशीला पदार्थ जब्त, 16 गिरफ्तार
हालांकि, पिछले एक वर्ष में बहरागोड़ा पुलिस ने नशे के कारोबार के खिलाफ लगातार अभियान चलाकर तस्करों के नेटवर्क पर दबाव बढ़ाया है. थाना प्रभारी शंकर प्रसाद कुशवाहा के नेतृत्व में पुलिस ने गांजा, डोडा और ब्राउन शुगर समेत विभिन्न मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई की. इस दौरान 16 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया, जबकि करीब तीन करोड़ रुपये मूल्य के नशीले पदार्थ जब्त किये गये.
सात किमी पर ओडिशा, 15 किमी दूर बंगाल
बहरागोड़ा से ओडिशा की सीमा करीब सात किलोमीटर और पश्चिम बंगाल की सीमा लगभग 15 किलोमीटर दूर है. तीन राज्यों के बेहद करीब होने के कारण अपराधियों के लिए एक राज्य में वारदात कर दूसरे राज्य की सीमा में प्रवेश करना अपेक्षाकृत आसान हो जाता है. नशीले पदार्थों की तस्करी के साथ चोरी और लूट जैसी घटनाएं बढ़ी हैं. अपराध के बाद सीमापार कर जाने की स्थिति में पुलिस के सामने आरोपी तक पहुंचने और उसे गिरफ्तार करने की चुनौती बढ़ जाती है.
सीसीटीवी खराब, एनएच पर बैरिकेडिंग का अभाव
सीमावर्ती क्षेत्र में निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत है. ओवरब्रिज के नीचे निजी स्तर पर लगाया गया सीसीटीवी कैमरा लंबे समय से खराब है. वहीं, राष्ट्रीय उच्च पथ पर भी पर्याप्त बैरिकेडिंग की व्यवस्था नहीं है. हालांकि पुलिस समय-समय पर विशेष चेकिंग अभियान चलाती है.
हाल में हुई कार्रवाई
20 जून 2025 : 500 ग्राम गांजा के साथ एक आरोपी गिरफ्तार
27 अगस्त : डोडा की 20 पुड़िया के साथ दो आरोपी पकड़े गये16 अक्तूबर : छह किलो गांजा के साथ दो गिरफ्तार
आठ नवंबर : 22 किलो गांजा के साथ दो आरोपी गिरफ्तार22 जनवरी, 2026 : आठ किलो गांजा के साथ दो आरोपी गिरफ्तार
12 अप्रैल : 50 किलो गांजा के साथ दो आरोपी 11 जुलाई : 1100 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ तीन आरोपी गिरफ्तार
आठ सितंबर : 113 किलो गांजा के साथ एक आरोपी गिरफ्तार
सीमा पर निगरानी बढ़े तो टूटेगा तस्करी का नेटवर्क
तीन राज्यों की सीमा से निकटता बहरागोड़ा के लिए जहां भौगोलिक लाभ है, वहीं अपराध नियंत्रण के लिहाज से यह बड़ी चुनौती भी है. नशे की तस्करी पर स्थायी रोक लगाने के लिए सीमा क्षेत्र में नियमित वाहन जांच, आधुनिक निगरानी उपकरण, बेहतर सीसीटीवी नेटवर्क और तीनों राज्यों की पुलिस के बीच सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान जरूरी है. नशे के इस काले कारोबार की जड़ तक पहुंचने के लिए केवल खेप पकड़ना पर्याप्त नहीं होगा. तस्करी के स्रोत, वाहक और पूरे नेटवर्क को चिह्नित कर कार्रवाई करनी होगी.
तस्करों की गतिविधियों पर लगातार नजर : थाना प्रभारी
बहरागोड़ा थाना प्रभारी शंकर प्रसाद कुशवाहा ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण तस्करों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है. किसी भी परिस्थिति में बहरागोड़ा क्षेत्र से नशीले पदार्थों की तस्करी नहीं होने दी जायेगी. पुलिस पूरी तरह सतर्क है और लगातार जांच व कार्रवाई कर रही है. उन्होंने कहा कि कुछ मूलभूत संसाधनों की कमी है. आवश्यक संसाधन उपलब्ध होने पर पुलिस अपराध और नशीले पदार्थों की तस्करी पर और बेहतर तरीके से अंकुश लगा सकेगी.
