इस्ट इंडिया मीट का हुआ आयोजन, इंडो यूरोपिन बिजनेस फोरम की बैठक में उद्यमियों ने साझा किये विचार
Jamshedpur News :
इंजीनियरिंग के सेक्टर में निवेश के लिए कंपनियों को आगे आना चाहिए. भारत और यूरोप के बीच व्यापार को बेहतर बनाने के लिए एक माहौल तैयार किया गया है. इसका लाभ उद्यमियों को उठाना चाहिए. यह बातें कोलकाता में पदस्थापित जर्मनी की कांसुलेट जेनरल बारबारा वॉस ने कही. बारबारा वॉस शुक्रवार को बिष्टुपुर स्थित एक होटल में इंडिया यूरोपियन बिजनेस फोरम की ओर से आयोजित वीडीएमए इस्ट इंडिया मीट को संबोधित कर रहीं थीं. आदित्यपुर स्मॉल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (एसिया) के सहयोग से वीडीएमए इंडिया की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में सौ से अधिक कारोबारियों और उद्यमियों ने हिस्सा लिया. इसमें मुख्य अतिथि के तौर पर जर्मनी की कांसुलेट जेनरल बारबरा वॉस मौजूद थीं. जबकि विशिष्ट अतिथि के तौर पर एसिया के अध्यक्ष इंदर अग्रवाल मौजूद थे. इस दौरान वीडीएमए इंडिया के एमडी राजेश नाथ ने समारोह में उपस्थित लोगों का स्वागत किया. मौके पर बारबारा वॉस ने कहा कि इंडो जर्मन रिलेशनशिप को और प्रगाढ़ करने की जरूरत है. इससे दोनों ही देशों का विकास संभव हो सकेगा. शैक्षणिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने पर फोकस किया गया. इसके अलावा स्किल मैनपावर को तैयार करने में जर्मनी कारगर भूमिका निभा सकती है, जिसका लाभ यहां के उद्योगों को उठाना चाहिए. इस मौके पर वेयर हाउस ऑटोमेशन पर निलेश भंडारे, लियूज सेंसर सोल्यूशन पर नीतिन सिन्हा ने अपना प्रेजेंटेशन दिया. वहीं, रिंजनफेडर के बारे में विस्तार से जानकारी रिंगफेडर पावर ट्रांसमिशन के एमडी धीपन रामालिंगम ने दिया. वेयर पार्ट के बारे में वाटिड इंडिया के एमडी आनंद सुंदरम ने प्रकाश डाला. लेडर और प्लाज्मा टेक्नोलॉजी पर प्रशांत चतुर्वेदी ने अपना प्रेजेंटेशन दिया. टेक्निकल सेशन में होने वाले नये बदलावों की विस्तार से जानकारी दी गयी.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
