जमशेदपुर. भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआइआइ) और टाटा स्टील ने ग्रामीण भारत में खेलों के विकास व खेलों को बढ़ावा देने के गंभीर विषय पर एक परिचर्चा का आयोजन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में किया गया. इस परिचर्चा का शीर्षक विजन 2036 ग्रासरूट्स टू ग्रेटनेस था. ‘इग्नाइटिंग ए थाउजेंड फायर्स’ थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम में खेल, उद्योग और नीति-निर्माण से जुड़े प्रमुख विशेषज्ञों ने भाग लिया. चर्चा का मुख्य उद्देश्य जमीनी स्तर पर खेल प्रतिभाओं को संवारने, बुनियादी संरचना को मजबूत करने और ग्रामीण भारत को देश की खेल शक्ति में बदलने की रणनीतियों पर मंथन करना था. इस चर्चा का संचालन टाटा स्टील के स्पोर्ट्स एकेडमी हेड, हेमंत गुप्ता ने किया. चर्चा का मुख्य फोकस खेलों में ड्रॉपआउट रोकने, जीवनभर खेलों से जुड़े रहने की प्रवृत्ति बढ़ाने और ग्रामीण खेलों के सतत विकास के लिए नीतिगत सुझाव साझा करने पर था. खासतौर पर, 2036 ओलिंपिक खेलों के लिए प्रतिभा निखारने की रणनीतियों पर भी जोर दिया गया. वक्ताओं में टाटा स्टील के वाइस प्रेसिडेंट, कॉरपोरेट सर्विसेज और सीआईआई नेशनल कमेटी ऑन स्पोर्ट्स 2024-25 के चेयरमैन चाणक्य चौधरी, भारतीय खेल प्राधिकरण के टीओपीएस के सीईओ एनएस जोहल, सीआईआई के प्रिंसिपल एडवाइजर सुनील मिश्रा, एचसीएल फाउंडेशन के सीनियर मैनेजर मनु खन्ना प्रतिष्ठित खेल हस्तियों कै पैनल था. कार्यक्रम में द्रोणाचार्य व पद्मश्री से विभूषित पूर्णिमा महतो, एवरेस्ट विजेता अस्मिता दोरजी, सोमा बरुआ और ओलिंपियन अंकिता भकत ने भाग लिया. इस कार्यक्रम में खेल से जुड़ी संगठनों ने भी हिस्सा लिया. इस पहल का उद्देश्य नीति-निर्माताओं, कॉरपोरेट्स और खेल संस्थानों के बीच सहयोग को प्रोत्साहित करना था, ताकि ग्रामीण भारत में खेल पहलों को मजबूत समर्थन मिल सके.
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