मुसाबनी : पूर्वी सिंहभूम के आकांक्षी प्रखंड मुसाबनी की सुरदा पंचायत स्थित बारुनिया प्राथमिक विद्यालय में शिक्षा व्यवस्था बदहाल है. भवन जर्जर होने के कारण बच्चे लंबे समय से सुरक्षित माहौल से वंचित हैं. फिलहाल स्कूल परिसर में झोपड़ी बनाकर प्लास्टिक के तिरपाल के नीचे पढ़ाई करने को विवश हैं. व्यवस्था से आक्रोशित बारुनिया, मटियालडीह और कीताडीह के ग्रामीणों ने सोमवार को स्कूल के पास धरना दिया. स्कूल भवन निर्माण कार्य शीघ्र शुरू करने की मांग की.
पुराना भवन तोड़ा गया, नया का काम शुरू नहीं
जानकारी के अनुसार, जुलाई 2025 में डीएमएफटी फंड से लगभग 19 लाख रुपये की लागत से दो कमरों के निर्माण की स्वीकृति मिली थी. अक्तूबर 2025 में नमन एजेंसी ने पुराने जर्जर भवन को तोड़कर निर्माण प्रक्रिया शुरू की, लेकिन इसके बाद काम पूरी तरह ठप पड़ गया. वैकल्पिक व्यवस्था के तहत पहले स्कूल का संचालन पुराने क्लब भवन के बरामदे में किया गया, जहां लिंटन का प्लास्टर गिरने से खतरा बढ़ गया. इसके बाद एक ग्रामीण के घर में विद्यालय चलाया गया, लेकिन वहां भी बरसात के पानी के घुसने और मुर्गी पालन जैसी समस्याओं के चलते बच्चों व शिक्षकों को खुजली जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ा.
बदइंतजामी से लगातार घट रही अनुपस्थिति
अंततः परेशान ग्रामीणों ने श्रमदान कर झोपड़ी बनायी और प्लास्टिक तिरपाल के सहारे पढ़ाई शुरू करायी. यहां बिना बिजली के बच्चे जमीन पर बोरा बिछाकर पढ़ रहे हैं. इस विद्यालय में करीब 40 बच्चे और दो शिक्षक हैं, लेकिन बदइंतजामी के कारण बच्चों की उपस्थिति लगातार घट रही है.
जमीन विवाद सुलझने के बाद भी नहीं शुरू हुआ काम
इस बीच, जमीन दाता परिवार की ओर से निर्माण कार्य रोके जाने से मामला उलझ गया था. कई बैठकों और ग्रामीणों द्वारा बीडीओ व शिक्षा विभाग को गुहार लगाने के बाद, 4 अप्रैल 2026 को ग्राम सभा में जमीन दाता परिवार ने निर्माण की अनुमति दे दी. उस समय तत्कालीन बीडीओ सह प्रभारी सीओ पवन कुमार ने जल्द निर्माण शुरू कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन इसके बावजूद धरातल पर अब तक कोई काम शुरू नहीं हुआ है.
जल्द निर्माण शुरू नहीं होने से आंदोलन होगा तेज
इस दौरान प्रखंड प्रमुख सह आजसू नेता रामदेव हेंब्रम, कान्हू सामंत, ग्राम प्रधान यश मार्डी, माझी परगना महाल के उपाध्यक्ष जगदीश बास्के समेत ग्रामीण उपस्थित रहे. हाथों में तख्तियां लेकर ग्रामीणों ने स्कूल भवन निर्माण जल्द करो, शिक्षा जीवन का आधार है और भ्रष्टाचार हटाओ, स्कूल बचाओ के नारे लगाये. ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया, तो वे अपने आंदोलन को और अधिक तेज करेंगे.
