Jamshedpur News : बर्मामाइंस : ₹13 लाख मुआवजा व बेटे को नौकरी देने पर सहमति बनने के बाद शव का हुआ पोस्टमार्टम
Jamshedpur News : टाटा स्टील कंपनी के बर्मामाइंस गेट के पास ड्यूटी कर बाहर निकलते समय बेहोश होकर गिरने से ठेका कर्मी सत्य नारायण निषाद (48) की मौत हो गयी थी.
कंपनी प्रबंधन के कई लोग पहुंचे सत्य नारायण निशाद के घर, श्राद्ध के लिए दिये 50 हजार नकद
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टाटा स्टील कंपनी के बर्मामाइंस गेट के पास ड्यूटी कर बाहर निकलते समय बेहोश होकर गिरने से ठेका कर्मी सत्य नारायण निषाद (48) की मौत हो गयी थी. इसको लेकर गुरुवार की सुबह कंपनी प्रबंधन, परिजन और जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू के प्रतिनिधि गुंजन यादव के साथ भक्तिनगर में मुआवजे को लेकर वार्ता हुई. सत्य नारायण एमवीएस एसीएमइआइ टेक्नोलॉजिस प्राइवेट लिमिटेड में कार्यरत थे. बैठक में 13 लाख रुपये मुआवजा और बड़े बेटे को नौकरी देने पर सहमति बनी. इसके साथ छोटे की पढ़ाई का खर्च देने पर भी सहमति जतायी. साथ ही पत्नी को भी मासिक वेतन देने पर चर्चा हुई. तीन लाख रुपये मृतक की पत्नी के बैंक खाते में एनइएफटी के माध्यम से शुक्रवार को भेज दिया जायेगा. दो दिन बाद दो लाख रुपये दिये जायेंगे. उसके बाद एक माह के भीतर आठ लाख रुपये का भुगतान किया जायेगा. वहीं श्राद्धकर्म के लिए तत्काल 50 हजार रुपये नकद दिये गये. समझौता होने के बाद परिजन टीएमएच पहुंचे और शव को पोस्टमार्टम के लिए एमजीएम अस्पताल ले गये. पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया, जिसके बाद अंतिम संस्कार किया गया.
बता दें कि जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू ने ठेका कर्मी सत्य नारायण निषाद के मौत मामले में तत्काल संज्ञान लेते हुए कंपनी प्रबंधन से टेलीफोनिक वार्ता की और मृतक के परिजनों को सम्मानजनक मुआवजा देने की मांग रखी थी. गुरुवार को भक्तिनगर, बर्मामाइंस में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गयी, जिसमें कंपनी प्रबंधन के प्रतिनिधि, मृतक के परिजन, स्थानीय बस्तीवासी, विधायक प्रतिनिधि गुंजन यादव, पूर्व जिला अध्यक्ष रामबाबू तिवारी एवं बर्मामाइंस मंडल अध्यक्ष रितेश झा मौजूद रहे. जहां मृतक के परिजनों को 13 लाख रुपये की सहायता राशि देने, दाह संस्कार एवं श्राद्धकर्म के लिए तत्काल आर्थिक सहयोग देने पर सहमति बनी. साथ ही मृतक के पुत्र को उसी फर्म में नौकरी पर भी सहमति जतायी गयी.
धरना-प्रदर्शन के पूर्व कंपनी प्रबंधन के लोग पहुंचे घर
मुआवजा की मांग को लेकर बुधवार को कंपनी गेट को करीब पांच घंटे तक जाम किया गया था. लेकिन मुआवजा पर सहमति नहीं बनने के कारण गुरुवार की सुबह 10 बजे से धरना देने की घोषणा की गयी थी. गुरुवार की सुबह 10 बजे धरना शुरू होने के पूर्व ही ठेका कंपनी के मालिक और अन्य पदाधिकारी सत्य नारायण के घर पर पहुंच गये और मुआवजा पर वार्ता की.
बता दें कि सत्य नारायण बर्मामाइंस के भक्तिनगर के रहनेवाले थे. मंगलवार को वह बी शिफ्ट में ड्यूटी गये थे. ड्यूटी पूरा करने के बाद वह घर जाने के लिए जैसे ही कंपनी गेट पर पहुंचे, अचानक बेहोश होकर गिर पड़े थे, जिससे उनकी मौत हो गयी थी.