जमशेदपुर : घाघीडीह केंद्रीय कारागार में 2017 में हुई छापेमारी में प्रतिबंधित सामानों की बरामदगी के मामले में प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी जितेंद्र राम की अदालत ने गैंगस्टर सुधीर दुबे समेत सभी पांच अभियुक्त किशोर रजक, मोहन लाल होन्हागा, मो. वारिस और ऋतु बनरा को संदेह का लाभ देते हुए केस से बरी कर दिया. सुधीर दूबे के बचाव में अधिवक्ता गौरव पाठक एवं साकेत सुमन ने कोर्ट में पक्ष रखा.
2017 में जेल में चलाया गया था तलाशी अभियान
मालूम हो कि 2 जुलाई 2017 को घाघीडीह जेल में अचानक सघन तलाशी अभियान चलाया गया था. इस दौरान जेल के भीतर से मोबाइल फोन, चार्जर, चाकू, इयरफोन, सिम कार्ड, मेमोरी कार्ड, बीड़ी और सिगरेट जैसे कई प्रतिबंधित सामान बरामद किये गये थे. मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 6 गवाहों का परीक्षण कराया गया. लेकिन सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकीलों ने ठोस तर्क प्रस्तुत किये. अदालत ने अभियोजन द्वारा पेश किये गये साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का गहन परीक्षण करने के बाद पाया कि आरोपियों के खिलाफ पुख्ता सबूत मौजूद नहीं हैं.
