चार गोलियां लगने के बाद जिंदगी और मौत से जूझ रहे मो. आफताब ने आखिरकार दम तोड़ दिया. कोलकाता में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. आफताब की मौत की खबर बर्मामाइंस पहुंचते ही परिजनों और बस्ती के लोगों का गुस्सा फूट पड़ा. बड़ी संख्या में लोग बर्मामाइंस थाना पहुंच गए.
गिरफ्तारी की हुई मांग
लोगों ने थाना का घेराव किया. सड़क पर टायर जलाए गए और जमकर नारेबाजी हुई. लोगों की एक ही मांग थी कि गोली चलाने वाले आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए. मौके पर काफी भीड़ जुट गई, जिससे इलाके में तनाव का माहौल बन गया.
क्या है मामला?
दरअसल, रविवार रात करीब साढ़े नौ बजे एफसीआई कंटेनर यार्ड के पास नशे के कारोबार का विरोध करने से नाराज अपराधियों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी थी. तीन बाइक पर सवार होकर आए शाहबाज उर्फ भोंदू, रेहान बच्चा, उदय, आयन समेत करीब छह युवकों ने मो. अमजद, सोनू, लड्डन, फिरोज और आफताब को निशाना बनाकर 16 से 17 राउंड गोलियां चलाई थीं.
चार गोलियां लगने से गंभीर हुआ था आफताब
इस फायरिंग में आफताब को चार गोलियां लगी थीं. उसे गंभीर हालत में इलाज के लिए टीएमएच ले जाया गया था. डॉक्टरों के मुताबिक, आफताब के बाएं हाथ में दो, पेट में एक और रीढ़ की हड्डी में एक गोली लगी थी. गोली लगने की वजह से उसके पैरों ने काम करना बंद कर दिया था. हालत गंभीर होने पर उसे बेहतर इलाज के लिए कोलकाता ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.
हमलावरों पर पथराव कर भागने को किया मजबूर
फायरिंग के बाद आफताब के साथियों ने हिम्मत दिखाते हुए हमलावरों पर पथराव किया. इसके बाद सभी आरोपी मौके से भाग निकले. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल से 14 खोखे और एक मैगजीन बरामद की.
नशे के खिलाफ निकली थी जागरूकता रैली
पुलिस को दिए बयान में आफताब के साथियों ने बताया कि वे एफसीआई में लेबर सप्लाई का काम करते हैं. शुक्रवार को बर्मामाइंस पुलिस के सहयोग से इलाके में नशे के खिलाफ जागरूकता रैली निकाली गई थी. बताया जा रहा है कि इसी बात से नाराज होकर अपराधियों ने रविवार रात आफताब और उसके साथियों को निशाना बनाया. पुलिस ने मामला दर्ज कर शाहबाज उर्फ भोंदू समेत सभी फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी है.
