हर दिन ड्यूटी में लेट हो रहे सैकड़ों रेलकर्मी

जमशेदपुर : टाटानगर रेलवे लोको क्रॉसिंग पर सेफ्टी में सख्ती का असर छह हजार से अधिक रेलकर्मियों और उनकी ड्यूटी पर पड़ा है. लोको न्यू व ओल्ड इलेक्ट्रिक शेड, डीजल शेड, मेन कैरेज सिक लाइन, ट्रेनिंग सेंटर में हर दिन काम पर जाने वाले सैकड़ों रेलकर्मी गेट बंद रहने के कारण हर दिन विलंब से […]

जमशेदपुर : टाटानगर रेलवे लोको क्रॉसिंग पर सेफ्टी में सख्ती का असर छह हजार से अधिक रेलकर्मियों और उनकी ड्यूटी पर पड़ा है. लोको न्यू व ओल्ड इलेक्ट्रिक शेड, डीजल शेड, मेन कैरेज सिक लाइन, ट्रेनिंग सेंटर में हर दिन काम पर जाने वाले सैकड़ों रेलकर्मी गेट बंद रहने के कारण हर दिन विलंब से ड्यूटी पहुंच रहे हैं. उन्हें पंच करने अर्थात टोकल लगाने में हर िदन 15 से 45 मिनट तक विलंब हो रहा है.

लोकाे गेट की परेशानी को लेकर लगभग सभी विभागों में विलंब से आने वाले कमियों को अघोषित तौर पर राहत दी जा रही है, लेकिन इससे रेलवे की उत्पादकता प्रभावित होने की आशंका भी जतायी जाने लगी है.
मालूम हो कि बीते दिनों टाटानगर में निरीक्षण को पहुंचे डीआरएम विजय कुमार साहू ने लोको रेलवे क्रॉसिंग गेट बंद रहने के बावजूद बड़ी संख्या में लोगों के दोपहिया के साथ रेलवे लाइन के समीप पाये जाने पर चिंता जतायी थी. डीआरएम ने सेफ्टी से अनदेखी पर नाराजगी जताते हुए तत्काल गेट बंद होने के बाद दोपहिया के लिए छोड़े गये रास्ते को बंद करने का आदेश दिया.
इसके बाद आनन-फानन में उस स्थान को पीलर लगाकर बंद कर दिया जिससे होकर हजारों रेलकर्मी हर दिन ड्यूटी आना-जाना करते थे. उत्पन्न परेशानी के बावजूद रेलवे अधिकारी मौन है, अब तक किसी स्तर पर व्यवहारिक परेशानी व व्यवस्था की ओर डीआरएम का ध्यान आकृष्ट नहीं कराया गया है जो वर्षों से चल रही थी.
10 मिनट पर खोलना है गेट, शंटिंग में लग जाते है 20-25 मिनट
मंडल रेल प्रबंधक विजय कुमार साहू ने रेलकर्मियों की परेशानी दूर करने के लिए 10-10 मिनट के अंतराल पर गेट खोलने का आदेश दिया था. डीआरएम के आदेश का अनुपालन तो सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया लेकिन इसमें व्यवहारिक परेशानी सामने आने लगी है.
लोको क्रॉसिंग पर मेल-एक्सप्रेस-पैसेंजर व गुड्स ट्रेनों के मूवमेंट के अलावा शेड से पावर मूवमेंट और ट्रेनों की शंटिंग भी होती है. रेलकर्मियों का कहना है कि यहां 150 से अधिक ट्रेनों के मूवमेंट के अलावा ट्रेन की रैकों का शंटिंग मूवमेंट भी है. हर शंटिंग के अप-डाउन में औसतन 15-15 मिनट का अंतराल होता है, जिस दौरान गेट बंद रहता है. ऐसे में 10 मिनट के अंतराल पर गेट खोलने का आदेश प्रभावी नहीं हो पा रहा है.
लेट आने वाले रेलकर्मियों को मिल रही अघोषित राहत
दोपहिया का रास्ता बंद होने से 10 हजार से अधिक लोग परेशान
लोको निवासी दो हजार कर्मचारी परिवार व बच्चों पर पड़ा असर
वैकल्पिक व्यवस्था होने तक रास्ता देने की मांग
रेलवे मेंस यूनियन ने डीआरएम को अनुरोध पत्र भेजकर लोको क्रॉसिंग पर हो रही व्यवहारिक परेशानी की ओर उनका ध्यान आकृष्ट कराया है. मेंस यूनियन के मंडल रनिंग ब्रांच के सचिव एमके सिंह ने कहा कि सेफ्टी को लेकर डीआरएम का आदेश सही है लेकिन इसके अचानक अमल में आने से व्यवहारिक रूप से कई परेशानियां उत्पन्न हो रही है.
उन्होंने बताया कि यहां अंडरब्रिज का प्रस्ताव लंबित है लेकिन प्रक्रिया होने और जमीन पर योजना के उतरने में कई साल लग जायेंगे. उन्होंने कहा कि इन बिंदुओं से डीआरएम को अवगत कराकर वैकल्पिक व्यवस्था होने तक कुछ राहत देने की मांग की जायेगी ताकि रेलकर्मियों को परेशानी कम हो सके.

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