उज्ज्वला दीदी के प्रशिक्षण सह उन्मुखीकरण सम्मेलनों पर सरयू राय ने खड़े किये सवाल, मांगा उपायुक्ताें से जवाब
जमशेदपुर :मंत्री सरयू राय ने प्रमंडलवार आयोजित किये जा रहे उज्ज्वला दीदी के प्रशिक्षण सह उन्मुखीकरण सम्मेलनों के औचित्य पर सवाल उठाया है तथा इस सबंध में एक पत्र जारी कर उपायुक्तों से जवाब मांगा है. उन्हाेंने कहा कि उज्ज्वला योजना पेट्रोलियम कंपनियों के सहयोग से विभाग राज्य में इस योजना का क्रियान्वयन लंबे समय से कर रहा है. योजना पूर्णता की ओर है, तब ऐसा सम्मेलन कराने का औचित्य क्या है, इस पर विभाग प्रकाश डाले.
इस बारे में मुख्यमंत्री सचिवालय से भी मंतव्य प्राप्त करने को कहा है कि ऐसे सम्मेलनों के आयोजन के संबंध में विभाग से विमर्श, परामर्श किये बिना तथा इस बारे में विभागीय मंत्री को विश्वास में लिये बिना विभागीय सचिव को सीधे निर्देश देने का कारण क्या है? मंत्री ने यह पत्र उस वक्त जारी किया है, जब विभाग के संयुक्त सचिव द्वारा उपायुक्त, चाईबासा, दुमका, पलामू, हजारीबाग एवं गुमला काे दीदी सम्मेलन आयाेजित करने निर्देश दिया है. इसी क्रम में शुक्रवार काे चाईबासा में मुख्यमंत्री द्वारा इस कार्यक्रम काे संचालित भी किया गया.
सरयू राय ने कहा कि उज्ज्वला भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है. झारखंड में खाद्य सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले का विभाग इस योजना के क्रियान्वयन का नोडल विभाग है. विभाग के अधिकारी, पेट्रोलियम कंपनियों के स्थानीय पदाधिकारी राज्य की गैस एजेंसियों तथा राशन दुकानदारों के सहयोग से लाभुकों को इस योजना का लाभ लेने के लिये चिह्नित एवं प्रेरित कर रहे हैं. साथ ही पात्र लाभुकों को एलपीजी गैस का कनेक्शन दे रहे हैं.
अब तक 35 लाख लाभुकों तक उज्ज्वला योजना का लाभ मिल चुका है. 17 लाख राशन कार्डधारियों के पास खाना बनाने वाले गैस का कनेक्शन नहीं है.श्री राय ने कहा कि संभावना है कि केंद्र सरकार द्वारा आठ करोड़ परिवारों तक यह लाभ पहुंचाने का लक्ष्य पूरा होने के बाद राज्य के लाखों लाभुक इस सुविधा से वंचित रह जायें.
