जमशेदपुर: टाटा स्टील पर बिना चालान के पैरॉक्सनाइट खरीदने का आरोप लगा है. आरोप है कि खान और भूतत्व विभाग द्वारा खनिज पारागमन नियमावली के अंतर्गत निर्गत वैद्य परिवहन चालानों के बिना टाटा स्टील ने खनिजों का खरीदारी की है.
इसे लेकर खनन विभाग ने टाटा स्टील के एमडी टीवी नरेंद्रन को पत्र लिखा है. इसमें कहा गया है कि पैरॉक्सनाइट की खरीद जायसवाल मिनरल्स प्रोडक्ट्स से टाटा स्टील ने की है. इसका लेखा-जोखा टाटा स्टील द्वारा नहीं दिया जाता है. खनन विभाग ने बताया है कि टाटा स्टील के चीफ प्रोक्योरमेंट ने सूचित किया है कि अगर खनिजों की खरीदारी परिवहन चालान के माध्यम से किया भी जाता है तो उन परिवहन चालानों को टाटा स्टील के रिकॉर्ड में नहीं रखा जाता है.
परिवहन चालानों को राज्य सरकार को जांच के लिए उपलब्ध कराना उनकी बाध्यता नहीं है. यह भी बताया गया है कि विष्णु चंद्र चौधरी द्वारा पायरोक्सनाइट खनिज की बिक्री टाटा स्टील में बिना परिवहन चालान के ही बड़े पैमाने पर किया है. उन्होंने राज्य सरकार को स्वामित्व/बिक्री कर और आयकर के मद में राजस्व को क्षति पहुंचायी है. जांच अधिकारियों को निगरानी जांच में फंसाने की धमकी. पैरॉक्सनाइट की खरीद घोटाले की जांच में लगाये गये अधिकारियों को निगरानी जांच में फंसाने की धमकी देने का मामला सामने आया है. जिला खनन पदाधिकारी रत्नेश सिन्हा समेत कई पदाधिकारियों ने इसकी सूचना राज्य सरकार को दी है.
टाटा स्टील ने संपुष्ट जवाब दे दिया है. टाटा स्टील को इस बावत पत्र मिला है. इसे लेकर कंपनी ने पूर्व में ही संपुष्ट जवाब सौंप दिया है. पत्र में सुझाव दिया गया है, जिसका अनुसरण किया जा रहा है. कंपनी पर लगाये गये आरोप निराधार हैं, जो जवाब दिया जाना चाहिए, वह विभाग को सौंप दिया गया है. -आशीष कुमार, प्रवक्ता, टाटा स्टील
