जमशेदपुर : तेज धड़कन व बेहोशी हार्ट अटैक के लक्षण

जमशेदपुर : हार्ट के मरीज की बीमारी डॉक्टर जितना जल्दी पकड़ सकेंगे, उसका उतना जल्दी इलाज हो सकेगा. हार्ट अटैक में इसीजी का बड़ा योगदान होता है. मरीज का इसीजी ठीक से देख कर समझाने की जरूरत है. उसके बाद ही मरीज का इलाज शुरू करें. रविवार को बिष्टुपुर स्थित एसएनटीआइ में आयोजित इस्ट जोन […]

जमशेदपुर : हार्ट के मरीज की बीमारी डॉक्टर जितना जल्दी पकड़ सकेंगे, उसका उतना जल्दी इलाज हो सकेगा. हार्ट अटैक में इसीजी का बड़ा योगदान होता है. मरीज का इसीजी ठीक से देख कर समझाने की जरूरत है.
उसके बाद ही मरीज का इलाज शुरू करें. रविवार को बिष्टुपुर स्थित एसएनटीआइ में आयोजित इस्ट जोन कार्डियोलॉजी काॅन्फ्रेंस-2019 में लखनऊ के डॉक्टर आदित्य कपूर ने यह बात कही. उन्होंने बताया कि तेज धड़कन व बेहोशी हार्ट अटैक का लक्षण हो सकता है.
इसलिए मरीज के बेहोश होने पर उसे सीधे न्यूरो में भेजने की जगह इसीजी की अच्छी तरह से जांच कर ले. कई बार हार्ट ब्लाॅकेज से ब्लड सर्कुलेशन ठीक नहीं रहता और मरीज बेहोश हो जाता है. कई बार मरीज द्वारा एंटीबायोटिक या अन्य दवा खाने से इसीजी रिपोर्ट में गड़बड़ी दिखती है.
इसलिए डॉक्टरों को चाहिए कि इसीजी की पूरी तरह से जांच करके मरीज की हिस्ट्री भी देख ले. उसके बाद इलाज शुरू करें. कॉन्फ्रेंस के सर्टिफिकेट कोर्स में शामिल सभी डाक्टरों को सर्टिफिकेट दिया गया. कॉन्फ्रेंस में पीजी के छात्राओं ने पेपर प्रस्तुत किया गया वहीं डॉक्टरों के बीच क्विज प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया.
सफल प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया. इस दौरान समिति के सचिव डॉ संतोष गुप्ता, डॉ अभय कृष्णा, डॉ परवेज आलम, डॉ निर्मल कुमार, डॉ राम नरेश, डॉ पंकज कुमार, डॉ एके लाल, डॉ अशोक कुमार सहित पीजीआइ, एम्स, अपोलो, बीएनएच समेत देश प्रमुख अस्पतालों से लगभग तीन सौ से ज्यादा हार्ट एक्सपर्ट व अन्य डॉक्टर मौजूद थे.

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